बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर 74,640.85 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,350 के पार कारोबार करता नजर आया। कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को शुरुआती मजबूती मिली। बजाज समूह की दोनों प्रमुख कंपनियों और एशियन पेंट्स के शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।
इससे पहले मंगलवार का कारोबारी सत्र दबाव में रहा था। दिन के निचले स्तर से बाजार में सुधार आया, लेकिन कारोबार समाप्त होने तक यह तेजी कायम नहीं रह सकी। इसके चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।
बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 74,640.85 के स्तर पर पहुंचा। यह पिछले बंद स्तर की तुलना में 111.77 अंक यानी करीब 0.14 फीसदी की बढ़त थी। वहीं, निफ्टी लगभग 23,367 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जिसमें करीब 38 अंक या 0.16 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
बजाज समूह की दोनों कंपनियों और एशियन पेंट्स के शेयरों में लगभग 2 फीसदी तक की तेजी रही। इन शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को शुरुआती मजबूती मिली।

बुधवार को भारतीय रुपये में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 95.57 के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशियाई मुद्राओं में व्यापक सुधार को रुपये की शुरुआती मजबूती के पीछे प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
तेल की कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से आयात लागत और रुपये पर पड़ने वाले दबाव में कुछ राहत मिल सकती है।
तकनीकी संकेतों के लिहाज से निफ्टी के लिए आने वाले कारोबारी सत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दैनिक चार्ट पर इंडेक्स में बियरिश एंगल्फिंग पैटर्न बनने की बात कही जा रही है। तकनीकी विश्लेषण में इस तरह के पैटर्न को हाल की तेजी कमजोर पड़ने के संभावित संकेत के तौर पर देखा जाता है।
निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे जाता है, तो 23,000 के आसपास तक कमजोरी बढ़ने की संभावना बन सकती है। दूसरी ओर, 23,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर महत्वपूर्ण है। इस स्तर के ऊपर टिकाऊ कारोबार बाजार में दोबारा मजबूती का संकेत दे सकता है और निफ्टी 23,600 की दिशा में बढ़ सकता है।
निकट अवधि में निफ्टी में कंसोलिडेशन यानी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। व्यापक तकनीकी दायरे की बात करें तो इंडेक्स के 23,115 से 23,650 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है।












