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Mutual Fund: SIP निवेशकों के लिए खुशखबरी! म्यूचुअल फंड से मिल सकेगा लोन, जानें पूरी डिटेल

Mutual Fund: SIP निवेशकों के लिए खुशखबरी! म्यूचुअल फंड से मिल सकेगा लोन, जानें पूरी डिटेल
अंतिम अपडेट: 2 दिन पहले

म्यूचुअल फंड यूनिट्स गिरवी रखकर कम ब्याज दर पर लोन लिया जा सकता है, जिससे निवेश बनाए रखते हुए वित्तीय जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।

Mutual Fund Benefits: म्यूचुअल फंड्स (MFs) के मुकाबले लोन लेने का ट्रेंड खुदरा निवेशकों के बीच तेजी से बढ़ रहा है। अब निवेशक यह समझने लगे हैं कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखना अधिक फायदेमंद होता है। अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर वे म्यूचुअल फंड यूनिट्स को भुनाने के बजाय उनके एवज में लोन लेना ज्यादा बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

डिजिटल प्रोसेस ने बढ़ाई लोन की डिमांड

पहले म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर लोन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन थी, जिसमें 5-7 कार्यदिवस लगते थे। लेकिन अब यह पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। निवेशक अपने घर या ऑफिस से ही यह लोन कुछ ही समय में प्राप्त कर सकते हैं। मिराए एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ कृष्ण कन्हैया के अनुसार, अब यह लोन ऑनलाइन उपलब्ध है और इसे बहुत जल्दी और आसानी से लिया जा सकता है।

SIP के चलते बढ़ा लोन का आधार

सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) में बढ़ोत्तरी के कारण म्यूचुअल फंड एसेट्स का एक बड़ा बेस तैयार हो गया है, जिसे गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है। पहले बाजार में गिरावट आने पर निवेशक फंड यूनिट्स को बेच देते थे, लेकिन अब वे इन यूनिट्स को भुनाने के बजाय उनके खिलाफ लोन लेना पसंद कर रहे हैं।

पर्सनल लोन की तुलना में सस्ता है म्यूचुअल फंड लोन

म्यूचुअल फंड पर मिलने वाले लोन (Loan Against Mutual Funds) अब पर्सनल लोन की तुलना में अधिक किफायती साबित हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर 10 से 14 फीसदी के बीच होती हैं।
कन्हैया बताते हैं कि उनकी कंपनी 10.5% की सालाना ब्याज दर वसूलती है, जबकि धानलैप के सीईओ सीआर चंद्रशेखर के अनुसार, उनकी कंपनी यह लोन 10.5-11% के बीच ब्याज पर देती है।

लोन के फायदे: ओवरड्राफ्ट सुविधा और बिना फोरक्लोजर चार्ज

कुछ लेंडर्स इस तरह के लोन को ओवरड्राफ्ट की तरह भी पेश कर रहे हैं। इसमें ग्राहकों को एक सीमा दी जाती है, जिसके तहत वे जरूरत के मुताबिक पैसे निकाल सकते हैं।

- इसमें फिक्स्ड EMI नहीं होती, बल्कि जितनी राशि इस्तेमाल की जाती है, केवल उसी पर मासिक ब्याज लगता है।

- मूलधन की अदायगी ग्राहक की सुविधा के अनुसार की जा सकती है।

- इस लोन को समय से पहले चुकाने पर कोई फोरक्लोजर चार्ज नहीं लगता।

- लोन अकाउंट बंद करने पर 24 घंटे के भीतर म्यूचुअल फंड यूनिट्स से लियन हटा लिया जाता है।

मार्जिन कॉल से सतर्क रहने की जरूरत

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव गिरवी रखे गए सिक्योरिटीज की वैल्यू को प्रभावित कर सकता है, जिससे मार्जिन कॉल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में अगर उधारकर्ता समय पर भुगतान नहीं कर पाता, तो उसकी संपत्तियां जब्त भी हो सकती हैं। इसके अलावा, इक्विटी म्यूचुअल फंड से मिलने वाला रिटर्न हमेशा सुनिश्चित नहीं होता।

EMI चुकाने में दिक्कत हो तो यूनिट्स बेचना बेहतर

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड लोन फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इसे सिर्फ आवश्यक जरूरतों के लिए ही लेना चाहिए। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार अभिषेक कुमार का कहना है कि अगर EMI चुकाने में परेशानी हो रही हो, तो म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचकर पैसा जुटाना ज्यादा सही रहेगा।

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