चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। यह चिली के किसी राष्ट्रपति का 16 वर्षों बाद भारत दौरा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत का प्रतीक हैं।
Chile President Gabriel Boric India Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट से मुलाकात की। राष्ट्रपति बोरिक भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर आए हैं, जिसमें उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है। इस प्रतिनिधिमंडल में मंत्री, संसद सदस्य, व्यापार संघ और भारत-चिली सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हैं। यह राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक की भारत की पहली यात्रा है, और इसके दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।
भारत-चिली व्यापारिक संबंधों का इंद्रधनुष
चिली और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार में हाल के वर्षों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 2020 के मुकाबले 2024 में यह कारोबार 1545 करोड़ रुपये से बढ़कर 3843 करोड़ रुपये हो गया है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक के बीच इस बढ़ते व्यापारिक संबंधों को और भी सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई।चिली, जो दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार रखता है, ने हाल ही में भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को गहरा करने की ओर कदम बढ़ाए हैं।
लिथियम उत्पादन के 80% हिस्से का निर्यात चीन को करने के बावजूद, भारत और चिली के बीच बढ़ते रिश्तों से यह संभावनाएं जताई जा रही हैं कि दोनों देशों के बीच भविष्य में लिथियम समेत कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है।
दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ मजबूत साझेदारी की ओर भारत का कदम
चिली के राष्ट्रपति की यात्रा को भारत की दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ संबंधों को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हाल ही में पेरू के विदेश मंत्री शिलर साल्सेडो ने भी भारत का दौरा किया था, और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा शुरू करने की सहमति बनी थी। ऐसे में चिली के साथ भी इस तरह के समझौते होने की संभावना है, जो भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाएगा।