चंडीगढ़ के पूर्व डीएसपी आरसी मीणा को 70 लाख रुपये की रिश्वत मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अमन ग्रोवर को 4 साल की जेल और 20,000 रुपये का जुर्माना भुगतने का आदेश दिया गया है।
Crime News: चंडीगढ़ में सीबीआई के मामलों की सुनवाई करने वाली स्पेशल कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीएसपी आरसी मीणा को रिश्वत लेने के मामले में 7 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अमन ग्रवोर को 4 साल की सजा और 20,000 रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया गया है।
यह मामला 70 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़ा है, जिसमें आरसी मीणा और अमन ग्रवोर की संलिप्तता पाई गई थी। कोर्ट ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामले को देखते हुए यह सजा सुनाई।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत 13 अगस्त 2015 को हुई थी, जब सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन डीएसपी आरसी मीणा और तत्कालीन एसआई के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि चंडीगढ़ पुलिस के ईओडब्ल्यू विभाग में दर्ज एक केस में शिकायतकर्ता के माता-पिता को गिरफ्तार न करने के बदले 70 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
रंगे हाथों हुई थी गिरफ्तारी
सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और 13 अगस्त 2015 को आरोपी निजी व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 40 लाख रुपये नकद और 30 लाख रुपये का पोस्टडेटेड चेक भी लिया था। मामले की जांच पूरी करने के बाद, 9 अक्टूबर 2015 को सीबीआई ने विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपी एसआई की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शुक्रवार को चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीएसपी राम चंद्र मीणा और अमन ग्रोवर को दोषी करार दिया। शनिवार को अदालत ने सजा सुनाते हुए आरसी मीणा को 7 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना तथा अमन ग्रोवर को 4 साल की सजा और 20,000 रुपये का जुर्माना सुनाया।