गया में इंडस्ट्री मीट में पहुंचे मंत्री जीतन राम मांझी ने वक्फ बिल पर विपक्ष को घेरा, कहा- यह बिल तुष्टिकरण नहीं, सबके हित में है।
Waqf Bill 2025: गया के अभियंत्रण महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट मीट 2025 में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के समापन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया।
"बिल धर्म नहीं, भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है" – मांझी
मंत्री मांझी ने स्पष्ट कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025 न तो किसी धर्म के विरोध में है और न ही किसी समुदाय को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर इसे गलत रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि यह विधेयक एक "खराब और अपारदर्शी व्यवस्था" को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम है।
विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
मांझी ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “तीन तलाक़ हो, अनुच्छेद 370 का मुद्दा हो या अब वक्फ बिल—विपक्ष हर जरूरी और ऐतिहासिक फैसले का विरोध करता है।” उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से मिलने वाले संसाधनों का लाभ अब तक गरीबों तक नहीं पहुंच रहा था, जिसे यह बिल सुधारता है।
जदयू प्रवक्ता का समर्थन: 'बिल से घबराने की जरूरत नहीं'
विधेयक को लेकर जदयू जिला प्रवक्ता कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने भी बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने यह निर्णय सभी एनडीए घटक दलों की सहमति से लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बिल को गलत नजरिए से न देखा जाए।
पिछड़े मुस्लिम समुदाय को मिलेगा सीधा लाभ
गौरव सिन्हा ने कहा कि अब तक वक्फ संपत्तियों का लाभ केवल एक सीमित वर्ग तक ही सीमित था। इस बिल के लागू होने से पिछड़े और जरूरतमंद मुसलमानों को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का रिकॉर्ड अल्पसंख्यकों के लिए काम करने में मजबूत रहा है।
"जदयू में बिल को लेकर कोई भ्रम नहीं"
प्रवक्ता ने कहा कि जदयू इस विधेयक को मुस्लिम समाज के हित में मानती है और पार्टी में इसे लेकर कोई भ्रम या असमंजस नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व हर निर्णय सोच-समझकर और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लेता है।