अजमेर पुलिस ने 200 सीसीटीवी फुटेज की मदद से शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 22 बाइक और स्कूटी बरामद हुईं। वह अजमेर, पाली और जोधपुर सहित कई जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
अजमेर: में पुलिस ने एक बड़े वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली थाना पुलिस की इस कार्रवाई में आरोपी के पास से 22 बाइक और स्कूटी बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो वाहन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से राजस्थान के कई जिलों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था और चोरी के वाहनों के पार्ट्स बेचकर अवैध रूप से कमाई करता था।
पुलिस की विशेष टीम ने की बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई बुधवार को पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला द्वारा कोतवाली थाने में सार्वजनिक की गई। वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिले में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था, जिसके तहत यह सफलता मिली।
Ajmer पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगीड़, सीओ नॉर्थ शिवम जोशी और कोतवाली थानाधिकारी अनिल देव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की थी। इस टीम ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
200 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर मिला सुराग
पुलिस जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका CCTV फुटेज की रही। टीम ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
इसके अलावा अभय कमांड सेंटर और निजी प्रतिष्ठानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग का भी विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
लगातार तीन दिनों की निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया जब वह एक और दोपहिया वाहन चोरी करने की कोशिश कर रहा था।
22 चोरी के वाहन बरामद, कई जिलों में फैला नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से कुल 22 चोरी के वाहन बरामद किए। इनमें अधिकांश बाइक और स्कूटी शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि यह वाहन अलग-अलग जिलों से चोरी किए गए थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- Pali
- Jodhpur
- ब्यावर क्षेत्र
- मसूदा क्षेत्र
- अजमेर शहर
पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित तरीके से वाहन चोरी करता था और चोरी किए गए वाहनों को कुछ समय तक छिपाने के बाद उनके पार्ट्स को अलग-अलग स्थानों पर बेच देता था।

चोरी का तरीका: भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाता था निशाना
पुलिस जांच में आरोपी की कार्यप्रणाली (modus operandi) का भी खुलासा हुआ है। आरोपी बेहद चालाक तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
वह पहले भीड़भाड़ वाले पार्किंग क्षेत्रों और बाजारों की रेकी करता था, जहां बड़ी संख्या में बाइक और स्कूटी खड़ी रहती थीं। मौका मिलते ही वह हैंडल लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर लेता था।
चोरी के बाद वह वाहन को कुछ समय के लिए सुनसान स्थानों पर छिपा देता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें या उनके पार्ट्स को बेचकर पैसे कमाता था।
मोबाइल इस्तेमाल से बचता था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को कानून की नजर से बचाने के लिए अत्यंत सावधानी बरतता था। वह मोबाइल फोन या किसी भी डिजिटल कम्युनिकेशन का इस्तेमाल नहीं करता था।
इसके अलावा वह अपने ही क्षेत्र में वारदात नहीं करता था ताकि पुलिस को उस तक पहुंचने में कठिनाई हो। यही वजह थी कि वह लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 53 वर्षीय जिताराम उर्फ पावणा, पुत्र दुर्गाराम सिरवी, निवासी निमली मंडा, सिरयारी थाना क्षेत्र, Pali के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। वर्तमान में उसे अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
पुलिस की सख्ती से वाहन चोरी गिरोह पर लगाम की कोशिश
Ajmer पुलिस का कहना है कि जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत CCTV निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से संगठित अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
स्थानीय लोगों में राहत, सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा
इस कार्रवाई के बाद शहर में स्थानीय लोगों ने राहत की भावना जताई है। लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं से लोग परेशान थे, लेकिन इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पुलिस की सक्रियता पर भरोसा बढ़ा है।
पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त लॉक और सुरक्षित पार्किंग का उपयोग करें।










