भारत में स्मार्टफोन की कीमतें 2026 तक 10 से 15 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। AIMRA के मुताबिक, मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स महंगे होने, रुपये-डॉलर में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत के चलते कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं, जिसका असर ग्राहकों और रिटेल बाजार दोनों पर दिख रहा है।
Mobile Prices in India: भारत में स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह अहम खबर है। क्या स्मार्टफोन की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी, कहां भारतीय बाजार में, कब 2026 तक, किसके चलते मोबाइल कंपनियों और रिटेल सेक्टर के साथ, और क्यों क्योंकि मेमोरी कंपोनेंट्स महंगे हो रहे हैं और रुपये-डॉलर में उतार-चढ़ाव से लागत बढ़ गई है। AIMRA का कहना है कि इन हालातों ने कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव बना दिया है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ सकती हैं स्मार्टफोन की कीमतें
AIMRA के मुताबिक, मेमोरी और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव ने कंपनियों की लागत और बढ़ा दी है। यही वजह है कि मोबाइल कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव बन रहा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन कैलाश लखानी का कहना है कि कंपोनेंट्स की कीमतें अब स्थिर नहीं रहीं। Realme, Xiaomi, Vivo और Oppo जैसे बड़े ब्रैंड्स पहले ही अपने कुछ तेजी से बिकने वाले मॉडल्स की कीमतें बढ़ा चुके हैं या फिर बैंक कैशबैक और जीरो-इंटरेस्ट EMI जैसी सुविधाएं खत्म कर चुके हैं।

रिटेल बाजार पर भी दिख रहा असर
महंगाई का असर सिर्फ ग्राहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि रिटेल सेक्टर भी दबाव में है। AIMRA और ऑर्गेनाइज्ड रिटेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, दिवाली के बाद से दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है।
दिसंबर की बिक्री नवंबर और सितंबर के मुकाबले कमजोर रही है। कई छोटे और मझोले रिटेलर्स को स्टाफ की सैलरी और दुकान का किराया अपनी जेब से चुकाना पड़ रहा है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई है।
महंगाई से कैसे बच सकते हैं ग्राहक
अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में ही खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। अभी कई ब्रैंड्स पुराने स्टॉक पर ऑफर दे रहे हैं, जो आगे चलकर कम हो सकते हैं।
साथ ही, जरूरत और बजट के हिसाब से फोन चुनना और अनावश्यक अपग्रेड से बचना भी महंगाई के असर को कम कर सकता है।













