जबलपुर हाईकोर्ट ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की पहली नियुक्ति से सेवा गणना से जुड़े लाभों के मामले में राज्य सरकार को आदेश का पालन करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है।
जबलपुर: मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों से जुड़े सेवा लाभ के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश के पालन के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले में शिक्षकों की पहली नियुक्ति से सेवा की गणना, वरिष्ठता, क्रमोन्नति और पेंशन सहित अन्य सेवा लाभों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
पहली नियुक्ति से सेवा गणना का मामला
जबलपुर हाईकोर्ट ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा से जुड़े मामले में राज्य सरकार को निर्धारित समय में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार को इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
मामले में शिक्षकों की सेवा की गणना उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से किए जाने का मुद्दा शामिल है। इसके साथ ही सेवा गणना के आधार पर वरिष्ठता, क्रमोन्नति और पेंशन जैसे लाभों पर भी इसका असर पड़ता है।
70 हजार शिक्षकों को सेवा लाभ मिलने की उम्मीद
इस मामले का असर करीब 70 हजार शिक्षकों पर पड़ने की बात सामने आई है। पहली नियुक्ति से सेवा गणना लागू होने पर संबंधित शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि के आधार पर विभिन्न सेवा लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
इन लाभों में वरिष्ठता और क्रमोन्नति के साथ पेंशन से जुड़े अधिकार भी शामिल हैं। एरियर की अवधि और राशि संबंधित शिक्षक की सेवा अवधि तथा लागू नियमों के आधार पर निर्धारित होगी।
सरकार को चार सप्ताह का समय
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश के पालन के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। अब सरकार को इस अवधि के भीतर कोर्ट के निर्देश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
सेवा गणना और उससे जुड़े लाभ लागू होने की प्रक्रिया में सरकार की ओर से आगे लिए जाने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे। इसके बाद संबंधित शिक्षकों को मिलने वाले सेवा लाभ और एरियर की स्थिति स्पष्ट होगी।











