देश की दिग्गज इंश्योरेंस एग्रीगेटर कंपनी पॉलिसीबाजार (PB Fintech) के लिए बेहद खराब साबित हुआ। कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और कारोबार के दौरान PB Fintech के शेयर करीब 26 फीसदी तक टूट गए।
बिजनेस न्यूज़: पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी PB Fintech के शेयरों में 24 सितंबर 2026 को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 26 फीसदी तक टूटकर ₹1,398.60 के आसपास पहुंच गया। इससे पहले शेयर में 20 फीसदी का लोअर सर्किट भी लगा था। इस गिरावट की मुख्य वजह भारतीय बीमा नियामक IRDAI की ओर से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन के कमीशन और खर्च से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव माना जा रहा है।
IRDAI ने ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ नाम से एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें बीमा वितरण के मौजूदा ढांचे, कमीशन, खर्च, पारदर्शिता और ग्राहकों के हितों से जुड़े कई पहलुओं में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, यह अभी अंतिम नियम नहीं हैं और इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। प्रतिक्रिया देने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
क्यों गिरा PB Fintech का शेयर?
PB Fintech का कारोबार बड़े पैमाने पर डिजिटल माध्यम से बीमा पॉलिसियां बेचने और ग्राहकों को अलग-अलग बीमा उत्पादों की तुलना उपलब्ध कराने पर आधारित है। ऐसे में अगर बीमा वितरण पर मिलने वाला कमीशन घटता है, तो प्रति पॉलिसी कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है। IRDAI के प्रस्ताव में कमीशन को केवल एक समान दर पर रखने के बजाय बीमा उत्पाद की जटिलता, उसे बेचने में लगने वाली मेहनत और वितरण चैनल से जोड़ने की बात कही गई है। बाजार में इस प्रस्ताव को डिजिटल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा गया है।
किन बीमा उत्पादों पर पड़ सकता है असर?

प्रस्ताव के अनुसार अलग-अलग बीमा श्रेणियों के लिए कमीशन की सीमा तय की जा सकती है। हेल्थ इंश्योरेंस में पहली बार पॉलिसी लेने पर डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन को सीमित करने और रिन्यूअल तथा पोर्टिंग पर इससे कम सीमा रखने का प्रस्ताव है। मोटर इंश्योरेंस में भी कमीशन पर सीमा तय करने की बात कही गई है।
खासतौर पर अनिवार्य थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस जैसे उत्पादों पर बहुत कम या शून्य कमीशन का प्रस्ताव रखा गया है। इससे ऐसे उत्पादों पर निर्भर वितरण कारोबार की कमाई प्रभावित हो सकती है। लाइफ इंश्योरेंस के मामले में भी पहले साल मिलने वाले कमीशन को पॉलिसी की अवधि के आधार पर सीमित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बैंक और अन्य लेंडर्स अगर लोन के साथ इंश्योरेंस बेचते हैं, तो उनके कमीशन को उत्पाद के अनुसार करीब 2 से 5 फीसदी तक सीमित करने का सुझाव दिया गया है।
ब्रोकरेज को क्यों दिख रहा है कमाई का जोखिम?
ब्रोकरेज अनुमानों के मुताबिक कमीशन दरों में कमी होने पर PB Fintech और अन्य डिजिटल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमाई प्रभावित हो सकती है। जेफरीज के अनुसार, अगर नए कारोबार पर मिलने वाले कमीशन में 10 फीसदी की कटौती होती है, तो PB Fintech और Turtlemint की कमाई में करीब 10-12 फीसदी तक गिरावट का जोखिम हो सकता है।
अन्य विश्लेषणों में भी हेल्थ, मोटर और टर्म इंश्योरेंस जैसे सेगमेंट को लेकर चिंता जताई गई है, क्योंकि इन क्षेत्रों में डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।












