Adani Group: हिंडनबर्ग विवाद के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये के पार

Adani Group के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है। हिंडनबर्ग विवाद के बाद कंपनी का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। जानें पूरा बाजार अपडेट।

करीब तीन साल पहले Hindenburg Research की रिपोर्ट ने Adani Group की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट ला दी थी। उस दौरान बाजार में निवेशकों के बीच काफी अनिश्चितता और घबराहट का माहौल बन गया था, और समूह की कई कंपनियों के मार्केट वैल्यू में बड़ा नुकसान देखा गया था।

बिजनेस न्यूज़: हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद भारी गिरावट झेलने वाले अडानी ग्रुप ने अब शेयर बाजार में मजबूत वापसी दर्ज की है। पिछले कुछ वर्षों में जिन कंपनियों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा था, अब वही कंपनियां निवेशकों को शानदार रिटर्न देती नजर आ रही हैं। ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते कुल मार्केट कैप एक बार फिर 19 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हिंडनबर्ग विवाद के दौरान अडानी ग्रुप की मार्केट वैल्यू में करीब 150 अरब डॉलर की गिरावट आई थी। लेकिन अब इसका बड़ा हिस्सा रिकवर हो चुका है, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।

अडानी ग्रुप शेयरों में तेज उछाल

बुधवार को अडानी ग्रुप की लगभग सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। खासकर अडानी टोटल गैस और अडानी पावर ने बाजार में शानदार प्रदर्शन किया। अडानी टोटल गैस के शेयरों में एक ही दिन में करीब 13% की तेजी दर्ज की गई। अडानी पावर ने वर्ष 2026 में अब तक लगभग 75% की मजबूत बढ़त हासिल की है। इन दोनों कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे समूह की मार्केट स्थिति को और सुदृढ़ किया है।

अडानी पावर अब समूह की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बन चुकी है। ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश की रफ्तार ने इस कंपनी के शेयरों को मजबूती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिजली और ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार आने वाले वर्षों में अडानी पावर जैसे खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकता है।

अमेरिका से मिली राहत बनी बड़ा ट्रिगर

हालिया तेजी का एक प्रमुख कारण अमेरिका से मिली कानूनी राहत को भी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ कुछ आपराधिक आरोप वापस ले लिए हैं। इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय जांचों में ढील या बंद होने की खबरों ने भी निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया है। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा एक बार फिर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर लौटता दिख रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब कई ग्लोबल फंड्स अडानी ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में भारत की तेज ग्रोथ संभावनाओं के कारण निवेशकों को इस समूह में मजबूत अवसर दिखाई दे रहे हैं।।

हिंडनबर्ग विवाद का असर अब कम?

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप पर कॉरपोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशियल प्रैक्टिस को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। हालांकि समूह ने लगातार सभी आरोपों को खारिज किया और भारतीय नियामक एजेंसियों की जांच में अब तक बड़े स्तर पर कोई ठोस अनियमितता साबित नहीं हुई है। इस स्थिति के बाद बाजार में यह धारणा मजबूत हो रही है कि अडानी ग्रुप ने सबसे कठिन दौर पार कर लिया है और अब रिकवरी के मजबूत चरण में प्रवेश कर चुका है।

शेयर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी ग्रुप में हालिया तेजी पूरी तरह से भरोसे की वापसी और सेक्टर ग्रोथ की उम्मीदों पर आधारित है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना अभी भी बनी हुई है।

Leave a comment