आसनसोल में अग्निमित्रा पॉल का टीएमसी पर हमला, केंद्र की योजनाओं और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

आसनसोल में हेलमेट वितरण कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने केंद्र की योजनाओं, कानून-व्यवस्था, कथित भ्रष्टाचार, ध्वनि प्रदूषण Tmc पार्टी को घेरा

आसनसोल में आयोजित हेलमेट वितरण कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने सड़क सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र सरकार की योजनाओं, कथित भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर राज्य सरकार की आलोचना की तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में आयोजित हेलमेट वितरण कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता और आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। कार्यक्रम में महिला बाइक और स्कूटी चालकों को हेलमेट वितरित किए गए।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं देश में बड़ी संख्या में लोगों की जान लेती हैं और हेलमेट पहनना केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि शहरों में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर आरोप

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती सरकार पर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं में पर्याप्त भागीदारी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं उठाया और इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, आने वाले समय में संबंधित रिपोर्टों के सार्वजनिक होने के बाद कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है। हालांकि इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

अंफान राहत और वित्तीय पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल

अग्निमित्रा पॉल ने अंफान चक्रवात राहत पैकेज का भी उल्लेख किया और कहा कि राहत राशि के उपयोग तथा अन्य वित्तीय मामलों में पारदर्शिता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।

ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती की वकालत

ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक आवाज किसी भी धार्मिक, सामाजिक या सार्वजनिक कार्यक्रम में स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ध्वनि से बुजुर्गों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी होती है। इसलिए ध्वनि नियंत्रण संबंधी नियमों का सभी को समान रूप से पालन करना चाहिए।

होटलों में मालिक का नाम प्रदर्शित करने पर टिप्पणी से किया परहेज

होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मालिक का नाम प्रदर्शित करने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस विषय पर सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया।

मुख्यमंत्री के बयान पर दी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पेंशन, रॉयल्टी और बैंक खातों से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यदि किसी मामले की जांच चल रही है तो उसे निष्पक्ष रूप से पूरा होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करती हैं और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित मामलों की पूरी जांच की जाएगी।

मिशन अस्पताल मामले पर निष्पक्ष जांच की मांग

आसनसोल के एक मिशन अस्पताल में कथित रूप से नाबालिगों से रक्तदान कराए जाने के आरोपों पर अग्निमित्रा पॉल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला होगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

कथित उगाही और कानून-व्यवस्था पर बयान

राज्य में कथित अवैध वसूली और धमकी के मामलों पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर उगाही या दबाव बनाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसियों को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी रहे चर्चा में

टीएमसी नेताओं द्वारा भाजपा के विधायकों और सांसदों के दल बदलने संबंधी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य ध्यान विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना अधिक महत्वपूर्ण है।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर भी जताई चिंता

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के आवास की कथित रेकी और संदिग्धों की गिरफ्तारी से जुड़े मामले पर अग्निमित्रा पॉल ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी

पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते दिखाई दे रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान राज्य की राजनीति में जारी प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं। हालांकि इन आरोपों और दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगी।

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