सावन के पवित्र माह में आगरा एक बार फिर पूरी तरह शिवमय नजर आया। नगर परिक्रमा के दौरान शहर की सड़कों पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। चार प्रमुख शिवालयों की परिक्रमा करने निकले श्रद्धालुओं के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे और पूरे रास्ते हर-हर महादेव, बम-बम भोले और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। करीब 43 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक परिक्रमा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
परिक्रमा के रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए। कहीं श्रद्धालुओं को ठंडा पानी और शरबत दिया गया तो कहीं भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर भंडारे चलते रहे। श्रद्धालु भी कुछ देर रुककर प्रसाद ग्रहण करते और फिर बाबा भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी यात्रा आगे बढ़ाते रहे।
नगर परिक्रमा का धार्मिक महत्व आगरा के शिवभक्तों के बीच विशेष है। इस दौरान श्रद्धालु शहर के प्रमुख शिवालयों के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते हैं। राजेश्वर महादेव, बल्केश्वर महादेव, कैलाश महादेव और पृथ्वीनाथ महादेव जैसे प्रमुख मंदिर इस धार्मिक यात्रा से जुड़े हैं।
सड़कों पर निकलने वाले श्रद्धालुओं में बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे भी शामिल रहे। कई भक्त नंगे पैर यात्रा करते दिखाई दिए। कुछ श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लिए हुए थे, जबकि कई लोग डमरू और घंटियां बजाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
परिक्रमा के दौरान वातावरण में भक्ति के साथ सेवा भावना भी दिखाई दी। स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह सहायता केंद्र बनाए। लंबे रास्ते पर पैदल चल रहे भक्तों को पानी, भोजन और आराम की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की गई।
सड़कों के किनारे लगे भंडारों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते दिखाई दिए। सेवा करने वाले लोग लगातार आने वाले भक्तों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे थे। कई स्थानों पर स्वयंसेवक भीड़ को नियंत्रित करने और बुजुर्गों व बच्चों की मदद करते रहे।
नगर परिक्रमा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। आगरा में परिक्रमा के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई और शहर को अलग-अलग सेक्टर और जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। CCTV कैमरों के जरिए भी निगरानी की व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। परिक्रमा मार्ग पर भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में पुलिस ने लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से किसी भी परेशानी की स्थिति में पुलिसकर्मियों या अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई।
आगरा की सड़कों पर दिनभर धार्मिक गीतों और भजनों की आवाज सुनाई देती रही। कई स्थानों पर डीजे और धार्मिक संगीत के साथ भक्त आगे बढ़ते रहे। डमरू और घंटियों की आवाज ने वातावरण को और अधिक शिवमय बना दिया।
परिक्रमा में शामिल कई श्रद्धालु अपने साथ पूजा सामग्री भी लेकर चले। रास्ते में शिवालयों पर पहुंचकर भक्तों ने जल, दूध और बेलपत्र अर्पित किए। भगवान शिव के दर्शन के बाद श्रद्धालु आगे की यात्रा पर निकलते रहे।
सावन में होने वाली इस नगर परिक्रमा में आगरा के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ इस यात्रा में शामिल होते हैं। कुछ भक्तों के लिए यह धार्मिक आस्था के साथ वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा भी है।
लंबी दूरी की पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। कई लोग लगातार जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। रास्ते में सेवा शिविर मिलने पर कुछ देर आराम करने के बाद फिर परिक्रमा शुरू कर दी।
परिक्रमा के दौरान शहर के कई इलाकों में सड़कों का दृश्य पूरी तरह बदल गया। सामान्य दिनों में वाहनों से भरी रहने वाली सड़कों पर श्रद्धालुओं के समूह दिखाई दिए। भगवा ध्वज, धार्मिक पोस्टर और सेवा शिविरों के कारण पूरा मार्ग धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।
भंडारों में सेवा करने वालों में स्थानीय दुकानदारों से लेकर सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों तक की भागीदारी रही। कई लोगों ने अपने स्तर पर पानी और भोजन की व्यवस्था की। इससे परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तय करने में काफी मदद मिली।
नगर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। रास्ते में CCTV कैमरों से निगरानी की गई और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई।
शिवभक्तों के लिए यह परिक्रमा केवल पैदल यात्रा नहीं बल्कि आस्था का एक बड़ा अवसर रही। कई भक्तों ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की। कुछ श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद परिक्रमा करने की बात भी कहते नजर आए।
आगरा में सावन के दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहले से ही भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। नगर परिक्रमा ने इस धार्मिक माहौल को और व्यापक बना दिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ भक्ति और सेवा का दृश्य देखने को मिला।
रास्ते में बच्चों और युवाओं की भागीदारी भी खास रही। युवा समूहों ने सेवा शिविरों में लोगों को पानी और प्रसाद बांटा। कई बच्चे अपने परिवार के साथ परिक्रमा में शामिल हुए और हाथों में छोटे भगवा झंडे लिए नजर आए।
नगर परिक्रमा के दौरान कई जगहों पर फूलों से श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया गया। भक्तों पर पुष्पवर्षा की तैयारियों की जानकारी भी सामने आई थी। इससे धार्मिक आयोजन का उत्साह और बढ़ गया।
पूरे आयोजन के दौरान सबसे ज्यादा सुनाई देने वाला जयकारा हर-हर महादेव का रहा। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं का समूह किसी मंदिर या सेवा शिविर के पास पहुंचता, जयकारों की आवाज और तेज हो जाती। डमरू और घंटियों के साथ गूंजती आवाजों से आगरा की सड़कें देर तक भक्तिमय बनी रहीं।
नगर परिक्रमा ने एक बार फिर आगरा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा की तस्वीर पेश की। हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा के बीच स्थानीय लोगों द्वारा की गई सेवा ने आयोजन को अलग पहचान दी। किसी ने पानी पिलाया, किसी ने भोजन कराया तो किसी ने थके हुए श्रद्धालुओं को कुछ देर आराम करने की सुविधा दी।
कुल मिलाकर, सावन की नगर परिक्रमा के दौरान आगरा पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया। लंबी दूरी की पैदल यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। रास्ते में डमरू और घंटियों की गूंज के साथ जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर चलते रहे। सुरक्षा के लिए पुलिस, CCTV और सेक्टर-जोन व्यवस्था लागू रही। भक्ति और सेवा के इस संगम ने आगरा की सड़कों को एक बड़े धार्मिक उत्सव में बदल दिया।











