AI Impact Summit 2026: दिल्ली में बड़े कार्यक्रम का उद्घाटन, UK डिप्टी पीएम ने दिया संकेत

16 फरवरी से दिल्ली में AI Impact Summit 2026 शुरू, विकास, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए AI के सुरक्षित उपयोग पर जोर।

AI Impact Summit 2026 16 फरवरी से दिल्ली में शुरू हो रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकास, रोजगार सृजन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए एक इंजन के रूप में पेश किया जाएगा। UK के डिप्टी पीएम डेविड लैमी और AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण भारत-यूके साझेदारी और सुरक्षित AI मानकों पर जोर दे रहे हैं।

AI Impact Summit 2026: 16 फरवरी से दिल्ली में आयोजित इस समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए विकास को बढ़ावा देना, नई नौकरियां सृजित करना और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाना है। UK के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेविड लैमी और AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण इसके मुख्य प्रतिनिधि हैं। यह समिट भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और AI के सुरक्षित व समावेशी उपयोग को बढ़ावा देने का अवसर है।

AI और विकास का नया इंजन

16 फरवरी से शुरू हो रहे AI Impact Summit 2026 में दुनिया की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं। इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकास, रोजगार सृजन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए एक इंजन के रूप में पेश किया जाएगा। UK के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेविड लैमी और AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण इस समिट का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका कहना है कि AI रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बना सकता है और नई नौकरियां सृजित कर सकता है।

भारत-यूके साझेदारी और टेक्नोलॉजी सहयोग

UK डेलीगेशन ने जोर दिया कि भारत और ब्रिटेन प्राकृतिक टेक पार्टनर हैं। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियां पूरे UK में अपना ऑपरेशन बढ़ा रही हैं। लैमी ने कहा कि यह समिट इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ मिलकर AI के पूरे लाभ को अनलॉक करने और सुरक्षित मानक बनाने का बड़ा अवसर है।

AI का हर क्षेत्र में प्रभाव

नारायण ने बताया कि AI सिर्फ तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह डॉक्टरों को बीमारी जल्दी पहचानने, शिक्षकों को सीखने को पर्सनलाइज करने, पब्लिक सर्विसेज को तेज करने और बिजनेस में नई नौकरियां बनाने में मदद कर सकता है। उनका मानना है कि AI का फायदा केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए।

AI Impact Summit 2026 न केवल भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर AI के सुरक्षित और समावेशी उपयोग की दिशा भी तय करेगा। इस समिट से भविष्य में नई नौकरियों, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और तकनीकी नवाचार के अवसर बढ़ सकते हैं।

Leave a comment