AI Investment 2028: एआई की दौड़ में आएगा बड़ा बदलाव, हार्डवेयर के बाद सॉफ्टवेयर पर बढ़ेगा खर्च

AI Investment 2028: 2028 तक AI निवेश का फोकस हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर से सॉफ्टवेयर व एप्लीकेशन की ओर बढ़ सकता है। जानें AI खर्च में इस बदलाव की वजह

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज प्रगति को अब तक चिप्स, सर्वर और डेटा सेंटर के निर्माण पर होने वाले बड़े निवेश से काफी गति मिली है। हालांकि, मॉर्गन स्टेनली रिसर्च के मुताबिक 2028 तक AI निवेश की तस्वीर बदल सकती है।

बिजनेस न्यूज़: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया में आने वाले वर्षों में निवेश का फोकस बदल सकता है। अभी तक एआई की तेज ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी भूमिका चिप्स, सर्वर, डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले भारी खर्च की रही है। लेकिन मॉर्गन स्टेनली रिसर्च के अनुमान के मुताबिक 2028 तक एआई निवेश की तस्वीर काफी अलग हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च की वृद्धि धीमी होने के साथ निवेश का बड़ा हिस्सा एआई सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन की तरफ जा सकता है।

यह बदलाव एआई इंडस्ट्री के विकास के अगले चरण का संकेत माना जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि डेटा सेंटर और चिप्स की मांग खत्म हो जाएगी। बल्कि जैसे-जैसे कंपनियां एआई सिस्टम से वास्तविक कारोबारी लाभ हासिल करने पर ध्यान देंगी, सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन की भूमिका बढ़ सकती है।

2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की रफ्तार घटने का अनुमान

मॉर्गन स्टेनली के अनुमान के अनुसार हाइपरस्केलर्स और नियो-क्लाउड कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी CapEx की सालाना वृद्धि 2026 में करीब 93% रह सकती है। इसके बाद यह वृद्धि 2027 में घटकर लगभग 61% और 2028 में सिर्फ 14% तक आ सकती है। इन आंकड़ों का संकेत यह है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रहने के बावजूद उसके विस्तार की रफ्तार धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। 

शुरुआती दौर में कंपनियों ने एआई की बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, सर्वर और एडवांस्ड चिप्स में निवेश किया। आगे चलकर निवेशक और कंपनियां यह देख सकती हैं कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर से कितना वास्तविक कारोबारी रिटर्न हासिल हो रहा है।

क्या डेटा सेंटर का विस्तार खत्म हो जाएगा?

ऐसा नहीं है। एआई कंप्यूटिंग की मांग अभी भी उपलब्ध क्षमता से अधिक रहने की संभावना है। इसलिए डेटा सेंटर का निर्माण और विस्तार जारी रह सकता है। हालांकि, इस क्षेत्र में कई व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। बिजली की उपलब्धता, श्रम की जरूरत और नियामकीय मंजूरियां डेटा सेंटर विस्तार की प्रमुख बाधाओं में शामिल हैं। 

इनमें बिजली की उपलब्धता को सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बताया गया है। बड़े एआई मॉडल को चलाने और प्रशिक्षित करने के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की आवश्यकता होती है, जिससे डेटा सेंटर की ऊर्जा जरूरत लगातार बढ़ रही है।

बिजली की कमी बन सकती है बड़ी चुनौती

मॉर्गन स्टेनली के अनुमान के मुताबिक 2026 से 2028 के बीच डेटा सेंटर सेक्टर को करीब 57 गीगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यह अनुमानित जरूरत की लगभग 30 से 40 प्रतिशत कमी के बराबर बताई गई है। अमेरिका में डेटा सेंटर परियोजनाओं को स्थानीय स्तर पर विरोध और मंजूरियों से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। 

रिपोर्ट के मुताबिक 2025 से अब तक करीब 286 अरब डॉलर मूल्य की डेटा सेंटर परियोजनाएं या तो स्थगित हुई हैं या रद्द की गई हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की गति केवल मांग पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि बिजली और स्थानीय स्तर की मंजूरियों जैसी परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

AI Software और Applications पर बढ़ सकता है निवेश

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार अगले छह से 12 महीने एआई निवेश के लिए बदलाव का दौर हो सकते हैं। निवेश के अवसर केवल सेमीकंडक्टर, सर्वर और डेटा सेंटर कंपनियों तक सीमित रहने के बजाय एआई सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और एप्लिकेशन की तरफ बढ़ सकते हैं। पहले चरण में ऐसे सॉफ्टवेयर को फायदा मिल सकता है जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करते हैं। 

इसके बाद एआई एप्लिकेशन का इस्तेमाल अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ सकता है। सर्विस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों पर इसका असर बाद में दिखाई देने की संभावना है, जब कंपनियां एआई से मिलने वाले आर्थिक लाभ को ज्यादा स्पष्ट रूप से माप सकेंगी।

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