उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। IMD के अनुसार 20 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पूर्वी यूपी के 11 और पश्चिमी यूपी के 9 जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, IMD के 28 सितंबर के उपखंडीय बुलेटिन में 29 सितंबर के लिए पूरे पूर्वी और पश्चिमी यूपी में कोई राज्य-स्तरीय चेतावनी दर्ज नहीं है।
कई जिलों में हुई भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में मौजूदा मौसम प्रणाली के प्रभाव से पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। दी गई जानकारी के अनुसार पूर्वी यूपी के लखीमपुर खीरी में 34 सेमी, सीतापुर में 27 सेमी, बहराइच में 24 सेमी और बांदा में 23 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हमीरपुर में 21 सेमी, जबकि महोबा और शाहजहांपुर में 19-19 सेमी बारिश दर्ज की गई। IMD के 27 सितंबर के बुलेटिन में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई थी।
पूर्वी यूपी के इन जिलों में आंधी-बिजली की चेतावनी
दी गई जानकारी के अनुसार बहराइच, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कानपुर शहर, कानपुर देहात, खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, सीतापुर और कन्नौज में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, ताजा IMD उपखंडीय चेतावनी में 29 सितंबर के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए जिला स्तर की चेतावनी और स्थानीय मौसम अपडेट को ध्यान में रखकर ही अगले दिन की स्थिति को देखा जाना चाहिए।
पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं का असर
बदायूं, बरेली, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर और मुरादाबाद के लिए दी गई जानकारी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की संभावना बताई गई है।
वहीं, IMD के 28 सितंबर के ताजा उपखंडीय बुलेटिन में 29 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
किसानों को मौसम को देखते हुए सावधानी की सलाह
बारिश और आंधी की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने और मौसम खराब रहने के दौरान सिंचाई जैसे कृषि कार्यों को टालने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना भी जरूरी है।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा IMD के ताजा अपडेट के अनुसार अपनी गतिविधियां तय करने की सलाह दी जाती है।











