AI तकनीक से सेकेंडों में बीमारी का पता, जानें कैसे काम करती है

नई दिल्ली AI समिट में पेश तकनीक 30 सेकेंड में चेहरे का विश्लेषण कर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, स्ट्रेस और डायबेटिक रिस्क जैसी बीमारियों का शुरुआती संकेत देती है।

नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में ऐसी तकनीक पेश की गई है, जो महज 30 सेकेंड में चेहरे का विश्लेषण कर संभावित बुनियादी बीमारियों का संकेत देती है। इस एआई सिस्टम से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, स्ट्रेस लेवल और डायबेटिक रिस्क जैसे पैरामीटर तुरंत पता चल जाते हैं, जिससे मरीज समय पर जांच और इलाज करवा सकते हैं।

AI Health Screening: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2026 में आयोजित एआई समिट में पेश की गई नई तकनीक सिर्फ 30 सेकेंड में चेहरे का विश्लेषण कर संभावित बुनियादी बीमारी का संकेत देती है। डॉक्टर जन आरोग्य केंद्र के प्रोजेक्ट मैनेजर दिव्यांशु ने बताया कि यह तकनीक मरीज के चेहरे के भाव, त्वचा के रंग और डिजिटल संकेतों का अध्ययन करके प्रारंभिक स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार करती है। इससे मरीज समय पर जांच और इलाज के लिए सक्षम बनते हैं, और अस्पतालों में जांच का समय भी कम होता है।

AI से स्वास्थ्य जांच अब हुई आसान

नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में ऐसी तकनीक पेश की गई है, जो सिर्फ 30 सेकेंड में चेहरे का विश्लेषण कर संभावित बुनियादी बीमारी का संकेत दे सकती है। डॉक्टर जन आरोग्य केंद्र के प्रोजेक्ट मैनेजर दिव्यांशु के अनुसार, यह एआई सिस्टम चेहरे के भाव, त्वचा के रंग और डिजिटल संकेतों का अध्ययन करके प्रारंभिक स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार करता है। इससे मरीज को समय रहते जांच और इलाज का अवसर मिलता है।

AI तकनीक से सेकेंडों में बीमारी का पता, जानें कैसे काम करती है

कैसे काम करती है यह तकनीक

मरीज स्क्रीन के सामने खड़ा होता है और 30 सेकेंड में उसका चेहरा पढ़ा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, वास्कुलर रिजिडिटी, हार्ट रेट, हिमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल लेवल, ट्राईग्लिसराइड, HDL, LDL, लिपोप्रोटीन, स्ट्रेस लेवल, BMI और डायबेटिक रिस्क जैसे पैरामीटर रिकॉर्ड किए जाते हैं। स्क्रीन पर मरीज का स्वास्थ्य प्रोफाइल और संभावित जोखिम वाले क्षेत्र दिखाया जाता है।

रिपोर्ट के बाद तुरंत डॉक्टर की सलाह

जैसे ही रिपोर्ट तैयार होती है, डॉक्टर मरीज से संबंधित सवाल पूछते हैं और जरुरत पड़ने पर आगे के टेस्ट सुझाते हैं। टेस्ट रिपोर्ट आने के तुरंत बाद डॉक्टर दवाई की पर्ची जारी करते हैं, जिससे मरीज सीधे उपचार शुरू कर सकता है। यह तरीका स्वास्थ्य जांच को तेज, सुविधाजनक और समय-कुशल बनाता है।

AI तकनीक के फायदे और भविष्य

इस एआई प्रणाली से मरीजों को शुरुआती चरण में स्वास्थ्य समस्याओं का पता चल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल अस्पतालों और क्लीनिकों में व्यापक स्तर पर किया जा सकता है, जिससे जांच का समय कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।

Leave a comment