AIIMS दिल्ली ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक साल में 10 हजार से ज्यादा सर्जरी

AIIMS दिल्ली ने 2025 में 10 हजार से ज्यादा बड़ी सर्जरी कर नया रिकॉर्ड बनाया। रोबोटिक और ट्रांसप्लांट सर्जरी से इलाज तेज, सुरक्षित और किफायती हुआ।

AIIMS दिल्ली ने साल 2025 में 10 हजार से ज्यादा सर्जरी कर देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। इनमें जटिल, हाई-रिस्क और बड़ी संख्या में रोबोटिक व ट्रांसप्लांट सर्जरी शामिल रहीं। आधुनिक तकनीक की मदद से इलाज तेज, सुरक्षित और किफायती हुआ है।

AIIMS Delhi Surgery Record: देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल AIIMS दिल्ली ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली स्थित इस संस्थान में साल 2025 के दौरान 10 हजार से अधिक बड़ी सर्जरी की गईं, जो किसी भी भारतीय अस्पताल के लिए एक साल का रिकॉर्ड है। यह सर्जरी देशभर से आए गंभीर मरीजों पर की गईं, जिनमें रोबोटिक, लैप्रोस्कोपिक और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसे जटिल ऑपरेशन शामिल थे। डॉक्टरों के अनुसार, नई तकनीक और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण कम समय में ज्यादा मरीजों का सफल इलाज संभव हो पाया है।

रोबोटिक सर्जरी से आई नई क्रांति

AIIMS दिल्ली में रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के बढ़ते इस्तेमाल से इलाज ज्यादा सटीक और तेज हुआ है। डॉ. सुनील चुम्बर के मुताबिक, रोबोटिक सर्जरी की मदद से कम चीरा लगता है, ब्लड लॉस कम होता है और मरीज तेजी से रिकवर करता है। साल 2025 में AIIMS में 1,000 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी की गईं, खासकर यूरोलॉजी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और कैंसर सर्जरी के मामलों में।

आंकड़ों में AIIMS की उपलब्धि

सर्जरी विभाग के डॉ. हिमांग ने बताया कि पूरे साल में 11,921 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 10,096 बड़ी सर्जरी की गईं। इसके अलावा माइनर ऑपरेशन थिएटर में 17,408 छोटे ऑपरेशन हुए। कुल सर्जरी में 50.7% ओपन सर्जरी, 41.2% लैप्रोस्कोपिक और 8.1% रोबोटिक सर्जरी शामिल रहीं।
इमरजेंसी मामलों में 1,102 ऑपरेशन किए गए, जिनमें आंत की रुकावट, पेट में छेद, अपेंडिक्स और गंभीर संक्रमण जैसे केस शामिल थे। इस दौरान 6,390 महिला और 5,531 पुरुष मरीजों की सर्जरी की गई।

ट्रांसप्लांट में भी बड़ी सफलता

सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वी. के. बंसल ने बताया कि AIIMS अब “मदर ऑफ ट्रांसप्लांट सेंटर” के रूप में उभर चुका है। साल 2025 में 1,100 से ज्यादा ट्रांसप्लांट और उनसे जुड़ी सर्जरी की गईं, जिनमें किडनी ट्रांसप्लांट प्रमुख रहे। इलेक्टिव सर्जरी में मृत्यु दर केवल 0.3% रही, जबकि इमरजेंसी सर्जरी में यह 7.89% दर्ज की गई।

मरीजों और डॉक्टरों दोनों को फायदा

AIIMS में हो रही अत्याधुनिक सर्जरी से मरीजों को कम लागत या लगभग निशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही हर साल करीब 1,000 मेडिकल छात्र और युवा सर्जन यहां आधुनिक सर्जरी तकनीकों की ट्रेनिंग लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं दे रहे हैं।
AIIMS दिल्ली में हो रही ये उपलब्धियां दिखाती हैं कि सरकारी अस्पताल भी अब अत्याधुनिक तकनीक और उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाएं देने में सक्षम हैं।

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