भारतीय मजदूर संघ ने अजमेर जिले में बढ़ते प्रदूषण से निपटने की आवश्यकता को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने समस्या से निपटने के उपाय भी सुझाए। भारतीय मजदूर संघ जिला अजमेर के अध्यक्ष व जिला मंत्री ने ज्ञापन देकर बताया कि कैसे पर्यावरण प्रदूषण एक वैश्विक मुद्दा है जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और जलवायु में असमय परिवर्तन हो रहा है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन से प्रदूषण में काफी कमी आई थी, लेकिन जैसे ही इसे हटाया गया, धीरे-धीरे प्रदूषण बढ़ता गया। ज्ञापन में अजमेर जिले में प्रदूषण को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है। मौजूदा हालात ने दिखाया है कि जरूरत पड़ने पर प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
यह करने होंगे उपाय
जलकुंभी और सीवेज के पानी को अजमेर के जलाशयों को प्रदूषित करने से रोका जाए। अनावश्यक रूप से वृक्षों की कटाई पर रोक लगाई जाए तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जाए। वाहनों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अजमेर में नियमित रूप से कूड़ा उठाया जाए और उसका उचित रखरखाव किया जाए।









