अजमेर के लोहागल में कबाड़ी गोदाम और पिकअप में पेट्रोल डालकर आग लगाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में 20 लाख का नुकसान हुआ था। मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले के लोहागल क्षेत्र में कबाड़ के गोदाम और खड़ी पिकअप वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगाने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कृष्णगंज थाना पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना का मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है।
इस घटना में लगभग 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था, जिसने इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया था। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
आधी रात को दिया गया वारदात को अंजाम
यह घटना 12 मई की रात की बताई जा रही है। पीड़ित असरुदीन खान, जो लोहागल गांव में कबाड़ का गोदाम संचालित करता है, ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह रोज की तरह गोदाम बंद कर घर चला गया था।
कुछ घंटों बाद देर रात पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि उसके गोदाम में आग लगी हुई है। जब तक वह मौके पर पहुंचा, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था और पूरा कबाड़ व गोदाम में खड़ी पिकअप वाहन जलकर खाक हो चुके थे।
पीड़ित के अनुसार आगजनी में लाखों रुपये का सामान और वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि चार संदिग्ध लोग रात करीब 2:45 बजे गोदाम के पास पहुंचे थे।
फुटेज में साफ दिखा कि आरोपियों ने पेट्रोल डालकर गोदाम और वाहन में आग लगाई और उसके बाद बिना नंबर की वरना कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।
इस महत्वपूर्ण सुराग ने पुलिस जांच को नई दिशा दी और आरोपियों की पहचान में मदद मिली।
200 से अधिक CCTV कैमरों की जांच के बाद गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए अजमेर पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
पुलिस ने होटल, ढाबों, मुख्य मार्गों और अभय कमांड सेंटर के कैमरों सहित लगभग 200 से 300 सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।
इसके बाद पुलिस ने पंचशील नगर स्थित पीडीएम पेइंग गेस्ट हाउस और घूघरा क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
- हितेश सोलंकी (ब्यावर निवासी)
- अंकित वैष्णव (नागौर निवासी)
- नरेंद्र सिंह
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी, पुरानी रंजिश का एंगल
अजमेर पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले की जड़ पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई है। सीओ शिवम जोशी ने बताया कि पीड़ित असरुदीन खान के परिवार का एक मुख्य आरोपी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस को शक है कि इसी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोदाम में आगजनी की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस फरार मुख्य आरोपी और अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना बेहद गंभीर थी क्योंकि इसमें न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया बल्कि जानमाल का भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता था।
सीओ शिवम जोशी ने बताया कि मामले की जांच को प्राथमिकता पर रखा गया और अलग-अलग टीमों को तकनीकी व फील्ड इन्वेस्टिगेशन में लगाया गया। इसी समन्वित कार्रवाई के चलते महज कुछ दिनों में आरोपियों तक पहुंच संभव हो सकी।
इलाके में फैली दहशत, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद लोहागल और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कबाड़ व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके कारोबार के लिए बड़ा खतरा हैं और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को किसने सहायता दी और वारदात में किस स्तर तक योजना बनाई गई थी।








