अजमेर में नर्सिंग स्टाफ का बड़ा विरोध प्रदर्शन: 227 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के खिलाफ हड़ताल तेज

अजमेर जेएलएन अस्पताल में 227 नर्सिंग ऑफिसरों को हटाने के विरोध में हड़ताल जारी है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला बेहोश हुई और प्रेग्नेंट नर्स भी शामिल हुई।

अजमेर के जेएलएन अस्पताल में 227 नर्सिंग ऑफिसरों को हटाए जाने के विरोध में हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। प्रदर्शन के दौरान एक महिला नर्स बेहोश हो गई और प्रेग्नेंट नर्सिंग ऑफिसर भी धरने में शामिल हुई।

अजमेर: राजस्थान के अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में 227 नर्सिंग ऑफिसरों को हटाए जाने के विरोध में चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत इन नर्सिंग कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद शुरू हुई हड़ताल सोमवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही।

आंदोलनकारी नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल परिसर से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन में शामिल हुई गर्भवती नर्स, बेहोश हुई एक कर्मचारी

इस आंदोलन के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शन में शामिल एक गर्भवती नर्सिंग ऑफिसर भी भीड़ के बीच नजर आई। लंबे समय तक चले प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल के बीच एक अन्य महिला नर्सिंग कर्मचारी बेहोश हो गई।

बेहोश हुई कर्मचारी को मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य प्रदर्शनकारियों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बच्चों के साथ सड़क पर उतरे नर्सिंग कर्मचारी

सोमवार सुबह आंदोलन में शामिल कई नर्सिंग ऑफिसर अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

कई कर्मचारी किराए के मकानों में रहकर काम कर रहे थे और अचानक नौकरी समाप्त होने से उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है।

कलेक्ट्रेट घेराव और जोरदार नारेबाजी

अस्पताल से शुरू हुई रैली सीधे अजमेर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां नर्सिंग कर्मचारियों ने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकजुटता दिखाई।

इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

अजमेर में नर्सिंग स्टाफ का बड़ा विरोध प्रदर्शन: 227 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के खिलाफ हड़ताल तेज

कर्मचारियों का आरोप: बिना जांच हटाया गया

नर्सिंग ऑफिसरों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन ने बिना उचित जांच-पड़ताल के 227 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है। उनका कहना है कि यह निर्णय अचानक लिया गया, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।

एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हटाए गए कई नर्सिंग स्टाफ दूर-दराज के इलाकों से आकर नौकरी कर रहे थे और अब उनके पास स्थायी आय का कोई साधन नहीं बचा है।

अस्पताल में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया

आंदोलन कर रहे नर्सिंग ऑफिसरों ने यह भी दावा किया है कि जेएलएन अस्पताल में पहले से ही कई पद खाली हैं। इसके बावजूद अनुभवी कर्मचारियों को हटाया जाना स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डाल सकता है।

उनका कहना है कि अस्पताल के नए ब्लॉक भी तैयार हो रहे हैं, ऐसे में मौजूदा स्टाफ को समायोजित कर समस्या का समाधान किया जा सकता था।

लगातार पांचवें दिन हड़ताल जारी

नर्सिंग ऑफिसरों की यह हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।

कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की है।

आर्थिक और सामाजिक संकट की बात

प्रदर्शनकारी नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि वे किराए के मकानों में रहते हैं और अचानक आय बंद होने से जीवन यापन कठिन हो गया है।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन की ओर बढ़ सकते हैं।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

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