भोपाल मास्टर प्लान की मांग को लेकर PC शर्मा का 31 घंटे का उपवास, BJP-RSS दफ्तरों पर कार्रवाई की मांग

भोपाल में मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर PC शर्मा ने 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उन्होंने BJP-RSS कार्यालयों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई।

भोपाल में मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता PC शर्मा ने शुक्रवार को 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उन्होंने सरकार पर देरी का आरोप लगाते हुए BJP और RSS कार्यालयों पर भी कार्रवाई की मांग की।

भोपाल: राजधानी का मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री PC शर्मा ने रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यालयों की योजनाओं पर काम कर रही है, लेकिन भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने में रुचि नहीं दिखा रही। शर्मा ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई और BJP-RSS कार्यालयों को लेकर भी सवाल उठाए।

31 घंटे के उपवास पर बैठे PC शर्मा

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री PC शर्मा ने शुक्रवार को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उनके साथ पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, अरुणेश्वर शरण सिंह देव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी समेत कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास अपने कार्यालय के मास्टर प्लान और वहां हेलीपैड बनाने की योजना के लिए समय है, लेकिन भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं है।

उन्होंने कहा कि भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान 1995 में दिग्विजय सिंह सरकार के समय लागू हुआ था। नियम के मुताबिक हर 10 साल में नया मास्टर प्लान आना चाहिए, लेकिन 2005 के बाद इसे लागू नहीं किया गया।

2031 के मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर आरोप

PC शर्मा ने बताया कि कमलनाथ सरकार के दौरान भोपाल का 2031 का मास्टर प्लान तैयार किया गया था और इसे 6-7 मार्च 2020 को प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने इसे लागू नहीं किया।

शर्मा ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान लागू होने से आवासीय निर्माण, कारोबार और अन्य गतिविधियों के लिए स्पष्ट नियम तय हो जाएंगे। उनके मुताबिक इससे परमिशन के लिए नेताओं और दलालों पर निर्भरता खत्म होगी। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से मास्टर प्लान को लंबित रखा जा रहा है।

BJP और RSS कार्यालयों पर भी उठाए सवाल

शर्मा ने कहा कि भोपाल के बाहरी इलाकों में अव्यवस्थित निर्माण और अन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। मास्टर प्लान लागू होने पर ग्रीन बेल्ट, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सकता है, जिससे राजधानी का विकास व्यवस्थित होगा।

उन्होंने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ हो रही सीलिंग कार्रवाई का भी विरोध किया। शर्मा ने सरकार से मिक्स लैंडयूज की अनुमति देने और नए व्यावसायिक क्षेत्रों तथा बाजारों को विकसित करने की मांग की।

BJP और RSS के कार्यालयों का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि भाजपा का कार्यालय ई-2 और RSS का कार्यालय अरेरा कॉलोनी ई-2 में है। उन्होंने सवाल किया कि यदि नियमों के उल्लंघन पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है तो इन कार्यालयों और वहां होने वाली गतिविधियों पर भी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।

सीलिंग कार्रवाई से रोजगार प्रभावित होने का दावा

पूर्व मंत्री ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों और उनसे जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से करीब पांच लाख लोगों के रोजगार को प्रभावित नहीं करने और मास्टर प्लान लागू करके व्यावसायिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने की मांग की।

शर्मा ने 15 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से व्यापारियों के पक्ष में कोई ठोस प्रस्ताव या तैयारी नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि मास्टर प्लान लागू किया जाए और भोपाल का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जाए।

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