Amarmani Tripathi Congress: कांग्रेस नेताओं के साथ दिखे अमरमणि त्रिपाठी, क्या बदलेंगे पूर्वांचल के सियासी समीकरण?

Amarmani Tripathi Congress को लेकर अटकलें तेज हैं। कांग्रेस नेताओं के साथ अमरमणि त्रिपाठी की मौजूदगी ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। क्या बदलेंगे

पूर्वांचल के बाहुबली नेता और कवयित्री मधुमिता हत्याकांड में जेल की सजा काटने के बाद बाहर आए अमरमणि त्रिपाठी गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का स्वागत करने पहुंचे।

Amarmani Tripathi Congress Join: उत्तर प्रदेश की पूर्वांचल राजनीति में एक बार फिर अमरमणि त्रिपाठी का नाम चर्चा में है। पूर्व विधायक और मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी हाल ही में गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का स्वागत करते नजर आए। इसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही अमरमणि ने महाराजगंज जिले की दो विधानसभा सीटों से खुद और अपने बेटे अमनमणि त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की थी।

अमरमणि त्रिपाठी की कांग्रेस नेताओं के साथ मौजूदगी को पूर्वांचल की राजनीति में संभावित नए समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक अमरमणि त्रिपाठी या कांग्रेस की ओर से उनके पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने या टिकट दिए जाने की कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है।

गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं का किया स्वागत

मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्वांचल प्रभारी अभिषेक दत्त तथा पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत गोरखपुर पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत किया। इसी दौरान अमरमणि त्रिपाठी भी वहां मौजूद दिखाई दिए। एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं के स्वागत के बाद अमरमणि महाराजगंज में आयोजित कांग्रेस की बैठक में भी नजर आए। 

कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई। इसे इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमरमणि लंबे समय से सक्रिय दलगत राजनीति से दूरी बनाए हुए थे।

महाराजगंज की दो सीटों को लेकर पहले ही कर चुके हैं ऐलान

अमरमणि त्रिपाठी ने हाल ही में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने महाराजगंज की फरेंदा विधानसभा सीट से खुद चुनाव लड़ने और नौतनवा सीट से अपने बेटे अमनमणि त्रिपाठी को मैदान में उतारने की बात कही थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा था कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ जाएंगे या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी सार्वजनिक मौजूदगी ने इस चर्चा को नया मोड़ दे दिया है।

हालांकि, केवल किसी राजनीतिक कार्यक्रम में मौजूदगी को पार्टी में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। कांग्रेस की ओर से भी फिलहाल उनकी उम्मीदवारी या औपचारिक सदस्यता को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

पूर्वांचल की राजनीति में रहा है प्रभाव

अमरमणि त्रिपाठी पूर्वांचल के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में गिने जाते रहे हैं। वह महाराजगंज क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी भी विधायक रह चुके हैं। अमरमणि के जेल में रहने के दौरान भी उनके बेटे ने विधानसभा चुनाव जीता था। अपने राजनीतिक दौर में अमरमणि का कई अलग-अलग राजनीतिक शक्तियों और सरकारों के साथ संबंध रहा। 

वरिष्ठ पत्रकारों के हवाले से यह दावा किया जाता रहा है कि उत्तर प्रदेश की सत्ता के समीकरणों में उनकी पकड़ मजबूत थी और सरकार गठन से जुड़े फैसलों में भी उनका प्रभाव माना जाता था। यही वजह है कि उनकी संभावित राजनीतिक वापसी को पूर्वांचल की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद

अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक सफर विवादों से भी जुड़ा रहा है। कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में अदालत ने अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों ने लंबे समय तक जेल में सजा काटी और वर्ष 2023 में अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किए गए।

रिहाई के बाद से ही उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगती रही हैं। अब कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद इन चर्चाओं को फिर से बल मिला है।

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