1.29 करोड़ की Cyber Fraud में 9 आरोपितों पर चार्जशीट, जमानत खारिज,अब ट्रायल की तैयारी

बरेली में सेवानिवृत्त IVRI वैज्ञानिक से 1.29 करोड़ की साइबर ठगी मामले में 9 आरोपितों पर चार्जशीट दाखिल हुई। जमानत खारिज, अब ट्रायल की तैयारी।

बरेली में सेवानिवृत्त IVRI वैज्ञानिक से 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने नौ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद ट्रायल की तैयारी शुरू है।

बरेली: सेवानिवृत्त IVRI वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने नौ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। सभी आरोपित जेल में हैं। हाईकोर्ट की एकल पीठ से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपितों ने दोहरी पीठ का रुख किया है, जबकि मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

9 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

बरेली में सेवानिवृत्त IVRI वैज्ञानिक शुकदेव नंदी से हुई 1.29 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने नौ आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सभी आरोपित जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।

हाईकोर्ट की एकल पीठ से आरोपितों की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने दोहरी पीठ में याचिका दाखिल की है। पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की तैयारी है।

डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये कराए ट्रांसफर

पुलिस के मुताबिक, पिछले वर्ष 17 से 20 जून के बीच साइबर ठगों ने शुकदेव नंदी को उनके घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। आरोपितों ने खुद को बेंग्लुरु पुलिस और CBI अधिकारी बताकर उन्हें डराया और धमकाया।

ठगों ने नंदी से कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल एक सिम कार्ड खरीदने में हुआ है और उस नंबर का उपयोग ह्यूमन ट्रैफिकिंग तथा जॉब फ्रॉड में किया जा रहा है। इस झांसे और दबाव में आकर नंदी ने आरोपितों के बताए खातों में कुल 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

ठगी का पता चलने के बाद नंदी ने साइबर थाने में FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बैंक खातों और पैसों के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की।

125 बैंक खातों में भेजी गई रकम

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से शुरुआती 1.10 करोड़ रुपये लखनऊ स्थित श्री नारायणी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

इसके बाद इस रकम को कुल 125 अलग-अलग बैंक खातों में भेजा गया। पुलिस ने जांच के दौरान इन सभी खातों को फ्रीज करा दिया।

मामले में पुलिस ने प्रदीप कुमार, सुधीर कुमार चौरसिया, महेंद्र प्रताप सिंह, रजनीश द्विवेदी, श्माम कपूर, शुभम यादव, दीपू पांडेय, महफूज और अमान खां को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।

हाईकोर्ट से जमानत खारिज, अब ट्रायल पर नजर

पुलिस ने दिसंबर में सभी नौ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इसके बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

साइबर थाना इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय के अनुसार, आरोपितों को अभी तक जमानत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उनकी जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। इसके बाद आरोपितों ने दोहरी पीठ में याचिका दाखिल की है।

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