पांढुर्णा गोटमार मेले में पत्थरबाजी, 833 घायल, झंडे पर कब्जे को लेकर भिड़े पांढुर्णा-सावरगांव के खिलाड़ी

पांढुर्णा गोटमार मेले में झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा-सावरगांव पक्ष भिड़े। पत्थरबाजी में 833 लोग घायल हुए, 9 की हालत गंभीर बताई गई।

मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में गोटमार मेले के दौरान जाम नदी में पत्थरबाजी से 833 लोग घायल हो गए। झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के खिलाड़ी आमने-सामने हैं, जिनमें 9 लोग गंभीर हैं।

पांढुर्णा: मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में गोटमार मेले के दौरान जाम नदी में झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के खिलाड़ियों के बीच पत्थरबाजी जारी है। इस दौरान करीब 833 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई के सिर पर चोट लगी और कुछ की हड्डियां टूट गईं। घायलों में 9 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पांढुर्णा गोटमार मेले में पत्थरबाजी से 833 घायल

मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में गोटमार मेले के दौरान जाम नदी में पत्थरबाजी का सिलसिला जारी है। पारंपरिक आयोजन के दौरान पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के खिलाड़ी झंडे पर कब्जे के लिए आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

अब तक करीब 833 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई लोगों के सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों की हड्डियां टूटने की भी जानकारी है। घायलों में 9 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

झंडे पर कब्जे के लिए भिड़े दोनों पक्ष

गोटमार मेला पांढुर्णा की एक पारंपरिक और चर्चित आयोजन है। मेले के दौरान जाम नदी के दोनों किनारों पर पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के लोग जुटते हैं। परंपरा के तहत नदी के बीच लगाए गए झंडे पर कब्जा करने के लिए दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होती है।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। आयोजन के दौरान पत्थरबाजी इतनी तेज हो जाती है कि मौके पर मौजूद लोगों के घायल होने का खतरा बना रहता है। इस बार भी झड़प और पत्थरबाजी के चलते सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।

सिर में चोट और हड्डियां टूटने से कई घायल

पत्थर लगने से कई लोगों के सिर फूट गए। कुछ लोगों को शरीर के दूसरे हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। घायलों में कुछ की हड्डियां टूटने की जानकारी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल 9 लोगों को विशेष उपचार की जरूरत बताई जा रही है।

बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद स्वास्थ्य और प्रशासनिक अमले पर भी दबाव बढ़ गया है। अस्पतालों में घायलों के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। मेले में मौजूद लोगों के बीच भी घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

कांग्रेस विधायक के भी पत्थर मारने का दावा

मेले के दौरान कांग्रेस विधायक के भी पत्थर मारने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि विधायक ने भी आयोजन के दौरान पत्थर चलाए। हालांकि, इस संबंध में सामने आए दावे और उनकी भूमिका को लेकर आधिकारिक स्थिति अलग से स्पष्ट की जानी बाकी है।

गोटमार मेले में हर साल बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। आयोजन की परंपरा और सुरक्षा के बीच प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती रहती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

जाम नदी में पत्थरबाजी के बीच पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बनी हुई है। मेले के दौरान भीड़ पर निगरानी रखने और किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से आयोजन के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

फिलहाल दोनों पक्ष झंडे पर कब्जे के लिए आमने-सामने हैं और जाम नदी में पत्थरबाजी जारी रहने की जानकारी है। प्रशासन के सामने घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्थिति को नियंत्रित रखने की चुनौती बनी हुई है।

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