उज्जैन में सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के बीच हनुमान मंदिर को लेकर विवाद सामने आया है। पंडित जोशी ने मंदिर की स्थिति पर सवाल उठाते हुए सड़क किनारे मौजूद चिमनी के लिए रास्ता दिए जाने का मुद्दा उठाया।
उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर खड़े हनुमान मंदिर का मामला चर्चा में है। पंडित जोशी ने मंदिर को नुकसान पहुंचने की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क के बीच मौजूद चिमनी के लिए रास्ता छोड़ा जा सकता है, तो मंदिर के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने इस मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सड़क चौड़ीकरण के बीच हनुमान मंदिर का मुद्दा
उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के बीच खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। मंदिर की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच पंडित जोशी ने मंदिर से जुड़े मामले पर अपनी बात रखते हुए प्रशासन से सवाल किया है।
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पंडित जोशी का कहना है कि सड़क के बीच मौजूद अन्य संरचनाओं के लिए जगह उपलब्ध कराई जा सकती है, तो हनुमान मंदिर के लिए भी रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने मंदिर को नुकसान पहुंचने की बात पर भी सवाल उठाया है।
चिमनी के लिए रास्ता तो मंदिर के लिए क्यों नहीं?
पंडित जोशी ने सड़क के बीच मौजूद चिमनी का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि जब उसके लिए रास्ता छोड़ा जा सकता है, तो हनुमान मंदिर के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, तो फिर उसके टूटने की स्थिति कैसे बनी।
सामने आई तस्वीर में हनुमान मंदिर और सड़क के दूसरी ओर मौजूद चिमनी के बीच सड़क दिखाई दे रही है। इसी तस्वीर का हवाला देते हुए मंदिर की स्थिति और सड़क निर्माण की योजना पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क निर्माण पर नजर
उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम किए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक स्थलों और अन्य मौजूदा संरचनाओं को लेकर भी चर्चा हो रही है।
हनुमान मंदिर को लेकर उठे सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सड़क चौड़ीकरण की योजना में मंदिर की स्थिति को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। पंडित जोशी के बयान के बाद इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर चर्चा और तेज हो गई है।








