चक्रवात अर्नब से भारी बारिश की आशंका के बीच तेलंगाना के मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने खम्मम में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से फसल बचाने और विभागों से बिजली, पेयजल व सिंचाई व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
खम्मम: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने खम्मम कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि चक्रवात के कारण होने वाली बारिश और तेज हवाओं से किसानों की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए कृषि, सिंचाई, बागवानी, विपणन और बिजली विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की भी चेतावनी दी।
खम्मम में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
समीक्षा बैठक में तुम्मला नागेश्वर राव ने अधिकारियों से चक्रवात के संभावित असर और उससे निपटने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान किसानों को समय पर जरूरी सूचना मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी खड़ी फसल की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकें।
मंत्री ने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को गांवों में किसानों के संपर्क में रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित होने की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए और जरूरत के अनुसार किसानों को सलाह दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को भी कहा।
किसानों को फसल बचाने की सलाह
चक्रवात अर्नब के कारण तेज बारिश होने की आशंका है। इससे खेतों में पानी भरने और तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। मंत्री ने किसानों से खेतों की स्थिति पर ध्यान देने और स्थानीय कृषि अधिकारियों की सलाह के अनुसार जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की।
खासकर कटाई के लिए तैयार फसलों और खेतों में रखी उपज को बारिश से बचाना महत्वपूर्ण है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था जांचने और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी दी जा सकती है। अधिकारियों से कहा गया है कि मौसम खराब होने पर किसानों तक जानकारी पहुंचाने में देरी नहीं होनी चाहिए।
रबी सीजन में धान की जगह दूसरी फसलें उगाने पर जोर
बैठक में आगामी यासंगी यानी रबी सीजन की खेती पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने सिंचाई विभाग को गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को धान के बजाय दूसरी उपयुक्त फसलें लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके पीछे सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर इस्तेमाल करने की जरूरत बताई गई।
तेलंगाना में धान की खेती के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में सिंचाई की उपलब्धता सीमित है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार दूसरी फसलों का विकल्प किसानों के सामने रखा जा सकता है। हालांकि, कौन-सी फसल किसी क्षेत्र के लिए उपयुक्त होगी, यह मिट्टी, पानी और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
सीताराम परियोजना और नागार्जुन सागर के पानी को बचाने की तैयारी
मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने सिंचाई विभाग को सीताराम परियोजना की नहरों और नागार्जुन सागर की बाईं नहर से मिलने वाले पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को नहरों के शटर बंद करने सहित आवश्यक तकनीकी कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकी जा सके।
सिंचाई व्यवस्था की निगरानी करने और आगामी खेती के मौसम के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान अधिकारियों को किसानों के बीच जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी फैलाने की सलाह दी गई।
फसल खरीद और उचित कीमत के लिए भी निर्देश
खराब मौसम से किसानों को केवल खेतों में ही नुकसान नहीं होता, बल्कि तैयार फसल की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने विपणन विभाग के अधिकारियों से फसल खरीद की तैयारी पहले से करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों से बाजार की स्थिति पर नजर रखने और किसानों को उचित कीमत दिलाने में मदद करने को भी कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि, बागवानी और विपणन विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा, ताकि चक्रवात के दौरान किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके।
बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए
समीक्षा बैठक में आम लोगों के लिए जरूरी सेवाओं को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि पीने के पानी और बिजली की आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौसम खराब होने से पहले संभावित समस्याओं की पहचान की जाए। बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में मरम्मत के लिए कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पेयजल आपूर्ति में रुकावट रोकने के लिए भी संबंधित विभागों को तैयारी रखने को कहा गया।
28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात अर्नब के प्रभाव से 28 अक्टूबर को तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम और मुलुगु जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। अन्य पूर्वी जिलों में भी तेज बारिश, बिजली गिरने और झोंकेदार हवाओं की आशंका है।
सरकार ने किसानों और आम लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। चक्रवात की दिशा और प्रभाव में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय प्रशासन के निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।








