IRCTC Scam Case: लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी समेत आठ पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय

IRCTC Scam Case में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत आठ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए गए हैं। जानें मामले में कोर्ट की अहम कार्रवाई।

राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने गुरुवार को IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। 

पटना: IRCTC Scam Case से जुड़े लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत आठ आरोपितों के खिलाफ धन शोधन के आरोप तय किए हैं। राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने गुरुवार को यह आदेश सुनाया। वहीं, अदालत ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात आरोपितों को मामले में आरोपमुक्त कर दिया।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़े आरोपों पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित आरोपित दोषी साबित हो गए हैं। मामले में आरोपों का परीक्षण आगे की न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

किन लोगों और संस्थाओं पर तय हुए आरोप?

अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित आरोप तय किए हैं। दूसरी ओर, लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात आरोपितों को मामले से राहत मिली है। 

आरोपमुक्त किए गए लोगों में गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्णिया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलश्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस के नाम शामिल हैं। इस तरह अदालत के आदेश के बाद मामले में आरोपितों की संख्या और उनकी कानूनी स्थिति में बदलाव आया है।

क्या है IRCTC होटल टेंडर मामला?

IRCTC Scam Case: लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी समेत आठ पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय

यह मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोपों के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) से जुड़े दो होटलों के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई थीं। सीबीआई का आरोप है कि रांची और पुरी स्थित IRCTC के दो होटलों का संचालन और रखरखाव सुजाता होटल्स को देने में प्रक्रिया का कथित तौर पर उल्लंघन किया गया। जांच एजेंसी ने इस आवंटन को कथित अनियमितताओं और साजिश से जोड़ते हुए मामला दर्ज किया था।

जमीन और शेयरों को लेकर क्या आरोप है?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, होटल टेंडर से जुड़े कथित लाभ के बदले लालू यादव और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं को बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर जमीन और कंपनी के शेयर हासिल होने का आरोप है। इसी आधार पर सीबीआई की प्राथमिकी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत अलग से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित लेनदेन के जरिए अपराध से प्राप्त लाभ को संपत्तियों और कारोबारी हिस्सेदारी के रूप में इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आरोपित पक्ष इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

आरोपितों ने आरोपों को बताया राजनीतिक रूप से प्रेरित

मामले में आरोपितों ने जांच एजेंसियों के आरोपों को खारिज किया है। उनका पक्ष रहा है कि उनके खिलाफ पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं हैं और मामला राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ाया गया है। यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि अदालत द्वारा आरोप तय करना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। अब मुकदमे की आगे की प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों से जुड़े साक्ष्य पेश करने होंगे और बचाव पक्ष को उनका जवाब देने का अवसर मिलेगा।

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