अजमेर: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की ओर से अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर पेश की गई। ठाकरे परिवार की श्रद्धा संदेश लेकर पार्टी के उपाध्यक्ष साजिद सुपारी वाला मुंबई से सीधे दरगाह पहुंचे और ख्वाजा गरीब नवाज के प्रति परिवार की आस्था दोहराई।
राजस्थान के अजमेर में स्थित विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर शिवसेना (ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे की ओर से विशेष चादर चढ़ाई गई। यह चादर ठाकरे परिवार की तरफ से पार्टी के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष साजिद सुपारी वाला लेकर मुंबई से अजमेर पहुंचे। सुपारी वाला ने बताया कि ठाकरे परिवार की ख्वाजा गरीब नवाज में गहरी आस्था है और हर वर्ष परिवार की ओर से चादर भेजने की परंपरा निभाई जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आदित्य ठाकरे पहले भी दरगाह आ चुके हैं और यहां की रूहानी फिज़ा से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। BMC चुनाव से पहले हुई इस पेशकश को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि परिवार इसे केवल आस्था और परंपरा का हिस्सा बताता है।
दुआओं का सिलसिला जारी
अजमेर दरगाह पहुंचते ही ठाकरे परिवार की ओर से भेजी गई चादर को सैयद अमान चिश्ती ने विशेष जियारत कराई और परंपरा अनुसार मजार शरीफ पर चढ़ाया। इस मौके पर दरगाह के खादिमों ने ठाकरे परिवार, शिवसेना (ठाकरे गुट) और राज्य की खुशहाली के लिए दुआ की।
दरगाह परिसर में मौजूद जायरीन ने भी दुआ में हाथ उठाए और ठाकरे परिवार की सलामती तथा राजनीतिक मजबूती की कामना की। स्थानीय लोगों ने कहा कि इतनी आस्था के साथ भेजी गई चादर हमेशा विशेष सम्मान से स्वीकार की जाती है।
राजनीतिक कामयाबी की अरदास
साजिद सुपारी वाला के अनुसार महाराष्ट्र का आगामी राजनीतिक दौर बेहद निर्णायक है, और ऐसे समय में ठाकरे परिवार ने दरगाह में चादर भेजकर पार्टी के उज्जवल भविष्य और स्थिरता की दुआ मांगी है। उनका कहना है कि ठाकरे परिवार हमेशा से मानता आया है कि ख्वाजा साहब की दरगाह से उन्हें दिशा और बरकत मिलती रही है।
दरगाह से जुड़े लोगों ने भी पुष्टि की कि ठाकरे परिवार का यह संबंध नया नहीं है। वर्षों से परिवार की तरफ से चादर पेश की जाती रही है और सैयद अमान चिश्ती ने बताया कि उनकी आस्था को देखते हुए हर बार चादर को सम्मानपूर्वक मजार शरीफ पर चढ़ाया जाता है।











