अजमेर में टैक्सी ड्राइवर श्रीकांत तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने गाजियाबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कर्ज चुकाने के लिए अर्टिगा कार लूटने की योजना बनाई गई थी, लेकिन ड्राइवर की हत्या हो गई।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले के गेगल थाना क्षेत्र में टैक्सी ड्राइवर की हत्या के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कर्ज चुकाने के लिए टैक्सी लूटने की योजना बनाई थी। जांच में सामने आया कि कार लूटने में असफल रहने के बाद दोनों ने कथित तौर पर टैक्सी ड्राइवर के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई।
गगवाना पुलिया के पास लावारिस कार में मिला शव
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर की सुबह सूचना मिली थी कि गगवाना पुलिया के पास एक कार लावारिस हालत में खड़ी है। कार की पिछली सीट पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ था। सूचना मिलते ही गेगल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल के साथ-साथ संबंधित वाहन की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए।
मृतक की कार से पुलिस को उसका पहचान पत्र मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान श्रीकांत तिवारी, निवासी दिबियापुर, जिला औरैया, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि श्रीकांत टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करता था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्या की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही उन रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी गई, जहां से कार के गुजरने की संभावना थी।
CCTV फुटेज और जांच से मिले अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश और दिल्ली भेजा गया।
पुलिस टीमों ने करीब तीन दिनों तक गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में रहकर आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और उनकी गतिविधियों की निगरानी की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों के बारे में पुख्ता सुराग मिले।
खोडा गाजियाबाद से दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से खोडा, गाजियाबाद में दबिश दी। यहां से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कौशल सिंह पुत्र अजय सिंह और सुरज सिंह पुत्र अजय सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
कर्ज चुकाने के लिए बनाई थी कार लूट की योजना
पुलिस पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने कर्ज चुकाने के लिए टैक्सी लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि कर्ज में डूबे सुरज सिंह ने अपने बड़े भाई कौशल सिंह के साथ मिलकर कथित तौर पर टैक्सी चालक से कार लूटने की योजना तैयार की।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने नोएडा से बड़ौदा, गुजरात तक के लिए कम कीमत पर एक टैक्सी बुक की थी। उनका कथित उद्देश्य टैक्सी चालक को रास्ते में काबू कर उसकी अर्टिगा कार लूटना था।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी लूटी गई कार को गुजरात के अंकलेश्वर में बेचने की योजना बना रहे थे।
हालांकि, पुलिस के अनुसार, नोएडा से बड़ौदा तक की यात्रा के दौरान टैक्सी ड्राइवर श्रीकांत सतर्क रहा। उसकी सतर्कता के कारण आरोपियों को कार लूटने का मौका नहीं मिल सका।
दोबारा टैक्सी बुक कर बनाई वारदात की योजना
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, पहली कोशिश में सफलता नहीं मिलने के बाद आरोपियों ने दोबारा टैक्सी नोएडा के लिए बुक की।
इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर मौका मिला और उन्होंने टैक्सी चालक श्रीकांत के साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, मारपीट के दौरान श्रीकांत की मौत हो गई।
जांच में सामने आए पुलिस के दावे के मुताबिक, आरोपियों ने हत्या के बाद वारदात के सबूत छिपाने और घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
पिकअप से टकराकर कार को क्षतिग्रस्त किया
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने वाहन को सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप से टकरा दिया। इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि पूरी घटना को सड़क हादसे के तौर पर पेश किया जा सके। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
बाद में 21 सितंबर की सुबह गगवाना पुलिया के पास कार लावारिस हालत में मिली और उसकी पिछली सीट पर श्रीकांत का शव बरामद हुआ।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों ने टैक्सी बुक करने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया, यात्रा के दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं और हत्या के बाद वे किस रास्ते से अजमेर से बाहर गए।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रस्तावित कार को अंकलेश्वर में बेचने की योजना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद हत्या, लूट की कथित योजना और घटना को दुर्घटना का रूप देने के प्रयास से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।











