सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगरा के बटेश्वर कॉरिडोर निर्माण में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं निर्माण एजेंसी UPPCL ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से PCC डाली गई थी।
आगरा: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बटेश्वर कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर निर्माण कार्य की तस्वीरें साझा करते हुए मिट्टी पर सीधे PCC डालने को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया। वहीं निर्माण एजेंसी UPPCL ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया गया अस्थायी कार्य बताया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा के बटेश्वर कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर निर्माण स्थल की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मिट्टी पर बिना उचित बेस तैयार किए सीधे प्लेन सीमेंट कंक्रीट (PCC) डाली जा रही है। उनके अनुसार यह निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि परियोजना में खराब गुणवत्ता की कंक्रीट और पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजाइन संबंधी कमियों की कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सरकार पर साधा राजनीतिक निशाना
सपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि जब कोई नागरिक निर्माण कार्य में गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाता है तो उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसे धमकाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने राज्य सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए 'अटल प्रोग्रेस वे' का भी उल्लेख किया और कहा कि जनता अब विकास के दावों पर जवाब मांग रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के बजाय शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
UPPCL ने आरोपों को बताया भ्रामक
बटेश्वर कॉरिडोर का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की ओर से कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी ने अखिलेश यादव के आरोपों को गलत बताते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित स्थान पर किया गया कार्य स्थायी निर्माण का हिस्सा नहीं है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह के अनुसार, बटेश्वर धाम परिसर के प्रवेश द्वार और बिटुमिन सड़क के बीच करीब छह मीटर हिस्से में आगे चलकर 150 मिमी सीसी बेस पर 100 मिमी रेड स्टोन कोबल लगाया जाना है। फिलहाल वहां केवल अस्थायी व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को बारिश के दौरान कीचड़ का सामना न करना पड़े।
श्रावण मास के बाद होगा स्थायी निर्माण
पर्यटन विभाग के मुताबिक, मंदिर समिति के प्रतिनिधियों ने 28 जुलाई को प्रशासन से अनुरोध किया था कि गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान बनाया जाए। लगातार बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ हो रहा था, जिससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी।
इसी मांग को देखते हुए संबंधित स्थान पर अस्थायी रूप से बेस कंक्रीट डाली गई, ताकि रास्ता चलने योग्य बनाया जा सके। विभाग का कहना है कि श्रावण मास समाप्त होने के बाद परियोजना के मूल डिजाइन के अनुसार वहां रेड स्टोन कोबल स्टोन बिछाकर स्थायी पाथवे तैयार किया जाएगा।
जांच और निर्माण गुणवत्ता पर बनी रहेगी नजर
बटेश्वर कॉरिडोर को लेकर सामने आए आरोप और निर्माण एजेंसी के स्पष्टीकरण के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विपक्ष निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर संबंधित विभाग का कहना है कि सभी कार्य स्वीकृत योजना के अनुसार किए जा रहे हैं और स्थायी निर्माण अभी बाकी है। ऐसे में आगे की प्रगति और परियोजना के अंतिम निर्माण पर सभी की नजर बनी रहेगी।










