पाकिस्तान की आतंकवाद-निरोधी अदालत ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को 26 नवंबर विरोध प्रदर्शन मामले में जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने दो-दो लाख रुपये के जमानती मुचलकों पर रिहाई मंजूर की और अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
रावलपिंडी: पाकिस्तान की आतंकवाद-निरोधी अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को 26 नवंबर को आयोजित विरोध प्रदर्शन के मामले में जमानत पर रिहा कर दिया है। अदालत ने अलीमा खान को दो-दो लाख रुपये के दो जमानती मुचलकों पर रिहा करने की मंजूरी दी। इसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें हिरासत से मुक्त कर दिया गया।
अदालत में पेशी के दौरान मिली हिरासत
अलीमा खान जब अदालत में पेश हुईं, तब उनके वकील सुप्रीम कोर्ट में व्यस्त थे और उन्हें जाने की अनुमति मांगी। इस दौरान उन्हें अस्थायी न्यायिक हिरासत में रखा गया। अभियोजन पक्ष के वकील जहीर शाह ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 351 के तहत आरोपी न्यायिक हिरासत में होता है। अदालत से बाहर निकलते समय महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर वापस अदालत परिसर में लाया। इसके बाद उनके वकील फैसल मलिक अदालत पहुंचे और अदालत ने उनके पेश किए गए दो जमानती मुचलकों को मंजूरी दे दी, जिससे अलीमा खान रिहा हो गईं।
गवाहों पर लगाया जुर्माना
अदालत ने मामले में सुनवाई में देरी करने की रणनीति अपनाने पर आठ गवाहों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह जुर्माना अदालत की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए लगाया गया। अलीमा खान ने पहले से ही अदालत के आदेशों के अनुसार जमानती मुचलके जमा किए थे। अदालत ने बचाव पक्ष की अर्जी पर आगे की सुनवाई 1 दिसंबर तक स्थगित कर दी है।
क्या था मामला
अलीमा खान को 26 नवंबर को पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अदालत ने कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। रिहाई के बाद अलीमा खान अब अपने वकील के माध्यम से आगे की कानूनी प्रक्रिया में भाग लेंगी।
इस घटना के बाद पाकिस्तान में विपक्ष और मानवाधिकार समूहों ने अदालत के इस निर्णय का स्वागत किया है। जनता और राजनीतिक हलकों की नजर अब 1 दिसंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।











