ईरान ने अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल के 27 सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया। कतर और दुबई में धमाके और आग लगी। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
Iran Attack: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई अहम सैन्य बेस पर हमले का दावा किया है। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया और अल जजीरा की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई बमबारी के जवाब में “छठी लहर” के रूप में बताया है। IRGC ने अपने बयान में कहा कि विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए।
IRGC का दावा
IRGC के अनुसार उनके हमलों में 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ इजरायल का तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव में सेना का कमांड मुख्यालय हाकिर्या और इसी शहर में स्थित बड़े रक्षा औद्योगिक परिसर को भी निशाना बनाया गया। IRGC ने चेतावनी दी कि ईरानी बल लगातार और कठोर जवाबी कार्रवाई करते रहेंगे।
ईरानी सेना के इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले ने मध्य-पूर्व में सैन्य टकराव को और गंभीर रूप दे दिया है।
कतर में धमाके
कतर की राजधानी दोहा में भी ईरानी हमलों के असर नजर आए। स्थानीय निवासियों के अनुसार शहर के ऊपर कम से कम 11 विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि इन हमलों में कुल 16 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने बताया कि विभिन्न इलाकों में सीमित भौतिक नुकसान भी हुआ है।
घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। कतर प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया।

दुबई में आग और नुकसान
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी ईरानी हमलों का असर देखा गया। दुबई प्रशासन ने बताया कि एरियल इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से जेबेल अली पोर्ट में आग लग गई। यह बंदरगाह पूर्वी एशिया के बाहर सबसे व्यस्त पोर्ट माना जाता है।
इसी दौरान दुबई के प्रतिष्ठित होटल बुर्ज अल अरब के बाहरी हिस्से में भी आग लगी। दुबई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा और चार कर्मचारी घायल हुए। आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती चिंता
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने अब खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कतर और यूएई में धमाकों और आगजनी की घटनाओं के कारण सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
क्षेत्रीय देशों ने अपने हवाई क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रूट बदलना पड़ा और कई उड़ानें रद्द कर दी गईं।
अब तक के अहम घटनाक्रम
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई, शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए। ईरान सरकार ने बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन समेत एक अंतरिम परिषद देश की देखरेख कर रही है जब तक नई नेतृत्व नियुक्त नहीं होती।
ईरान ने बदले की कसम खाते हुए 27 अमेरिकी ठिकानों और तेल अवीव स्थित इजरायली सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया। कतर और यूएई में धमाके और आगजनी की घटनाएं जारी हैं। ईरान के हमले अब अमेरिका और इजरायल की संपत्तियों को कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक समेत कई देशों में निशाना बना रहे हैं।












