अलीगढ़ में पुलिस और गौकशी के आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान एक गोली इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी, जिससे वह बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में गौकशी और इससे जुड़े आरोपियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित स्थान लेकर जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान गोली लगने से तीन आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर ही उन्हें पकड़ लिया, जबकि चौथे आरोपी को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग होने की बात सामने आने के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खंगाला और आरोपियों के पास से हथियार बरामद किए।
कार्रवाई के दौरान इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अधिकारी ने जैकेट पहन रखी थी, जिसके कारण गोली शरीर तक नहीं पहुंच सकी। इस घटना के बाद पुलिस टीम ने और सतर्कता के साथ कार्रवाई पूरी की।
गोली लगने से घायल तीनों आरोपियों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार कराया जा रहा है। पुलिस ने अस्पताल में भी सुरक्षा व्यवस्था रखी है, ताकि इलाज के दौरान आरोपी फरार न हो सकें।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी गौकशी की घटनाओं में किस तरह शामिल थे और उनके साथ कोई अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।
मौके से बरामद हथियारों को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हथियारों का इस्तेमाल मुठभेड़ के दौरान किया गया था या पहले किसी अन्य वारदात में, इसकी भी जांच की जा सकती है। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच के जरिए पुलिस आगे के साक्ष्य जुटा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और गौकशी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस टीमों को सक्रिय किया जाता है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया और मौके की जांच की गई।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए। इसके अलावा वे किस नेटवर्क से जुड़े हैं और उनके साथ कौन-कौन लोग काम करते थे, इसकी जानकारी भी पूछताछ के जरिए जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग को लेकर भी अलग से कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। बरामद हथियारों को केस प्रॉपर्टी के रूप में दर्ज किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में घायल तीनों आरोपियों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनकी चोटों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इलाज पूरा होने के बाद पुलिस उन्हें पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लेगी।
इस कार्रवाई में पुलिस टीम की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा रहा। इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुठभेड़ के दौरान फायरिंग कितनी गंभीर थी। जैकेट ने गोली को शरीर तक पहुंचने से रोक दिया, जिससे पुलिस अधिकारी सुरक्षित रहे।
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि यदि कोई अन्य आरोपी मौके से भागा हो तो उसे भी पकड़ा जा सके। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं।
पूरे मामले में पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनके पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई की चर्चा है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर ऐसे मामलों में जिनसे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
मुठभेड़ के बाद बरामद हथियारों और आरोपियों से जुड़ी जानकारी को केस की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अब तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ में पुलिस और गौकशी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि एक इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी और वह सुरक्षित बच गए। मौके से हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी जुटा रही है।











