'मेरे पति ने किन्नर से शादी कर ली' दहेज प्रताड़ना का आरोप,गर्भवती पत्नी को घर से निकालने की शिकायत

अलीगढ़ में एक महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और गर्भावस्था के दौरान घर से निकालने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
'मेरे पति ने किन्नर से शादी कर ली' दहेज प्रताड़ना का आरोप,गर्भवती पत्नी को घर से निकालने की शिकायत
Photo Credit / Attribution: Google

अलीगढ़ में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि विवाह के बाद से उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया गया, उसके साथ मारपीट की गई और गर्भवती होने के बावजूद उसे घर से निकाल दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति ने बाद में एक किन्नर से विवाह कर लिया।

महिला के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया। उसका आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा। उसने दावा किया कि कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

पीड़िता का कहना है कि जब वह गर्भवती थी, तब भी उसके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि गर्भावस्था के दौरान उसे पर्याप्त देखभाल नहीं मिली और अंततः उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके में रहने लगी।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसकी अनुपस्थिति में एक किन्नर से विवाह कर लिया। इस दावे को लेकर उसने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की मांग की है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों व साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती हैं। इस मामले में भी जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

महिला ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसके साथ हुए कथित अत्याचारों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है। किसी भी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

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