हरियाणा के अंबाला में दो भैंसों की खरीद के बाद चेक बाउंस होने और भुगतान से इनकार करने के मामले में अदालत ने आरोपी को एक साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही डेढ़ गुना मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया है।
अंबाला: Ambala News में चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। मामला दो भैंसों की खरीद के बाद दिए गए चेक के बाउंस होने और भुगतान से इनकार करने से जुड़ा है। अदालत ने सजा के साथ आरोपी पर डेढ़ गुना मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
दो भैंसें खरीदकर दिया था चेक
अंबाला के गांव बलाना निवासी नारायण सिंह के अनुसार, 28 दिसंबर 2020 को कुरुक्षेत्र के गांव मंधेडी निवासी अवतार सिंह उर्फ टोनी ने उनसे ₹1.90 लाख में दो भैंसें खरीदी थीं। भुगतान के लिए आरोपी ने 24 मार्च 2021 की तारीख वाला एक चेक दिया।
जब शिकायतकर्ता ने तय समय पर चेक बैंक में जमा कराया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी से भुगतान की मांग की, लेकिन आरोप है कि उसने रकम देने से इनकार कर दिया।
अदालत में आरोपी ने दी अलग दलील
मामला अदालत पहुंचने पर आरोपी ने अपने बचाव में दावा किया कि उसने केवल एक भैंस ₹58 हजार में खरीदी थी और उसका भुगतान पहले ही कर दिया था। उसने यह भी कहा कि उसके द्वारा दिया गया खाली सुरक्षा चेक (Security Cheque) का गलत इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि अदालत ने रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी की इस दलील को स्वीकार नहीं किया और उसे दोषी ठहराया।
बेटे ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए दायर की शिकायत
मामले में शिकायतकर्ता नारायण सिंह ने अपने बेटे हरजीत सिंह को विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी (Special Power of Attorney) धारक नियुक्त किया था। इसके बाद हरजीत सिंह ने 10 मई 2021 को अदालत में चेक बाउंस से संबंधित शिकायत दायर की।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य दर्ज किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया।
एक साल की कठोर कैद और ₹2.85 लाख मुआवजे का आदेश
सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी अवतार सिंह उर्फ टोनी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी को ₹2.85 लाख का मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश भी दिया, जो मूल राशि का लगभग डेढ़ गुना है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित मुआवजे का भुगतान नहीं करता है, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
चेक बाउंस मामलों में सख्त संदेश
यह फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां लेन-देन के दौरान दिए गए चेक बाउंस होने के बाद भुगतान से इनकार कर दिया जाता है। अदालत के इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि वित्तीय लेन-देन में चेक जारी करने के बाद उसकी जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। साथ ही, यदि चेक बाउंस होने के बाद भुगतान नहीं किया जाता और मामला अदालत तक पहुंचता है, तो दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कारावास के साथ आर्थिक दंड का भी सामना करना पड़ सकता है।











