जोधपुर में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी आग, 8 दोपहिया वाहन जलकर खाक; शॉर्ट सर्किट की आशंका की जांच जारी

जोधपुर में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटी मे आग लगने से 8 दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, आग पर काबू पाया

जोधपुर के सरदारपुरा इलाके में चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने की आशंका है, जिसके बाद आग तेजी से फैलकर आठ दोपहिया वाहनों तक पहुंच गई। दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में गुरुवार सुबह एक रिहायशी इलाके में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने के बाद बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार्जिंग के दौरान आग लगने की आशंका है, जिसके बाद लपटें तेजी से फैलकर आसपास खड़े अन्य वाहनों तक पहुंच गईं। इस घटना में कुल आठ दोपहिया वाहन जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना शहर के सरदारपुरा क्षेत्र स्थित 8th सी रोड पर सुबह लगभग 7:22 बजे हुई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।

चार्जिंग के दौरान लगी आग की आशंका

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर आग लगी वहां दो इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थीं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण एक स्कूटी में आग लगी होगी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल शॉर्ट सर्किट को संभावित कारणों में शामिल किया गया है।

देखते ही देखते आठ वाहनों तक पहुंची आग

घटना स्थल पर कई दोपहिया वाहन एक ही गली में एक-दूसरे के करीब खड़े थे। आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैलती चली गईं और कुछ ही मिनटों में दो इलेक्ट्रिक स्कूटी, एक बुलेट मोटरसाइकिल तथा अन्य स्कूटी और बाइक इसकी चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि शुरुआती स्तर पर उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।

दमकल विभाग ने आधे घंटे में पाया नियंत्रण

सूचना मिलने के तुरंत बाद शास्त्री नगर फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने तेजी से राहत कार्य शुरू किया और लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। यदि दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता, तो आग आसपास के मकानों और अन्य वाहनों तक भी फैल सकती थी। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

सभी वाहन पूरी तरह जलकर हुए नष्ट

आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई वाहनों का केवल लोहे का ढांचा ही बचा। अधिकांश वाहन पूरी तरह जलकर कबाड़ में बदल गए। आग बुझने के बाद दमकलकर्मियों ने जले हुए वाहनों को एक-एक करके गली से बाहर निकाला ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके और यातायात सामान्य हो सके।

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

सुबह के समय अचानक गली से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में कई वाहन उसकी चपेट में आ गए। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना देकर राहत कार्य में सहयोग किया।

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट पर फोकस

दमकल अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए शॉर्ट सर्किट एक संभावित कारण हो सकता है, क्योंकि घटना के समय दो इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर थीं। हालांकि, विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग बैटरी में खराबी, चार्जर की तकनीकी समस्या, वायरिंग दोष या किसी अन्य कारण से लगी थी।

इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग पर फिर चर्चा

इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक को हमेशा कंपनी द्वारा स्वीकृत चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए।

चार्जिंग के दौरान वाहन को खुली और हवादार जगह पर रखना चाहिए तथा खराब वायरिंग, ओवरलोडेड सॉकेट या अस्थायी एक्सटेंशन बोर्ड का उपयोग करने से बचना चाहिए। नियमित सर्विसिंग और बैटरी की समय-समय पर जांच भी संभावित जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रशासन ने जांच शुरू की

स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि की जा सके। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, उपकरण की खराबी या अन्य कारण सामने आते हैं, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सतर्कता से टल सकते हैं ऐसे हादसे

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सुरक्षित चार्जिंग व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण बैटरी, प्रमाणित चार्जर और नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।जोधपुर की यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि छोटी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। 

हालांकि इस मामले में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आठ वाहनों का जलकर नष्ट होना बताता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन और समय-समय पर तकनीकी जांच बेहद जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

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