अमेरिका-चीन TikTok समझौता! ट्रंप ने TikTok को लेकर एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर किया हस्ताक्षर

अमेरिका और चीन के बीच TikTok डील, अब एप अमेरिकी कंपनियों के नियंत्रण में। ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की।

अमेरिका और चीन के बीच TikTok डील पूरी हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए। अब एप अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के नियंत्रण में होगा, डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

TikTok Deal: अमेरिका और चीन के बीच TikTok को लेकर महत्वपूर्ण डील हो गई है। इस डील को औपचारिक रूप देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद TikTok अब अमेरिकी स्वामित्व और नियंत्रण में आ जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील को लेकर कहा कि यह अमेरिका और अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा और डेटा गोपनीयता की दृष्टि से अहम कदम है।

ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत

ट्रंप ने बताया कि 20 सितंबर को उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की थी, जिसमें TikTok डील को मुख्य एजेंडा बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘मेरी शी जिनपिंग से अच्छी बातचीत हुई। मैं उनका सम्मान करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे भी मुझे सम्मान देते हैं। हमने TikTok के भविष्य पर चर्चा की और उन्होंने हमें आगे बढ़ने की अनुमति दी।’ यह बातचीत दोनों देशों के बीच तकनीकी और व्यापारिक संतुलन बनाने के प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।

TikTok अब अमेरिकी निवेशकों और कंपनियों के नियंत्रण में

ट्रंप ने साफ किया कि TikTok अब अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के हाथ में होगा। उन्होंने कहा कि इसका मकसद एप की संचालन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना और डेटा गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं को समाप्त करना है।

अमेरिका-चीन TikTok समझौता! ट्रंप ने TikTok को लेकर एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर किया हस्ताक्षर

ट्रंप ने बताया कि ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन और उनकी कंपनी TikTok की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ओरेकल और अन्य अमेरिकी निवेशक TikTok को संचालित करेंगे और एप में अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

एल्गोरिदम पर नियंत्रण

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में यह भी स्पष्ट किया गया कि TikTok का रिकमेंडेशन एल्गोरिदम अब अमेरिकी सुरक्षा भागीदारों की निगरानी में काम करेगा। यह कदम डेटा सुरक्षा और अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा की रक्षा के लिए उठाया गया है। इसके तहत माइकल डेल (डेल टेक्नोलॉजीज), रूपर्ट मर्डोक (फॉक्स न्यूज और न्यूज कॉर्प) समेत 4-5 अन्य विश्वस्तरीय निवेशक शामिल होंगे। ओरेकल और सिल्वर लेक मिलकर लगभग 50 फीसदी हिस्सेदारी लेंगे, जबकि बाइटडांस के मौजूदा शेयरधारक जैसे Susquehanna, General Atlantic और KKR करीब 30 प्रतिशत शेयर रखेंगे।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रतिक्रिया

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस डील पर कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि TikTok अमेरिका में चले और अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि चीनी पक्ष से थोड़ी प्रतिरोध जरूर थी, लेकिन अमेरिकी सरकार का मकसद साफ था कि एप जारी रहे और नागरिकों की डेटा प्राइवेसी की रक्षा हो।

रिपब्लिकन सांसदों की मांग

इस डील पर कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अधिक जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चीन का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो गया है या नहीं। सांसद ब्रेट गुथरी ने कहा, ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह समझौता अमेरिकी उपयोगकर्ताओं को चीन से जुड़े किसी भी निगरानी या प्रभाव से बचाए।’

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