अमेरिका में 250 डॉलर के नए नोट पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर लगाने का प्रस्ताव चर्चा में है। इसके लिए 150 साल पुराना नियम बदलना होगा और कांग्रेस की मंजूरी के बाद ही नया नोट जारी किया जा सकेगा।
वॉशिंगटन: अमेरिका में करेंसी को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद सामने आता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले नए 250 डॉलर के नोट को जारी करने की संभावित योजना पर चर्चा शुरू हो गई है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह अमेरिकी इतिहास में एक बेहद ऐतिहासिक और विवादित बदलाव माना जाएगा, क्योंकि 1866 से लागू नियम के तहत किसी भी जीवित व्यक्ति की तस्वीर अमेरिकी करेंसी पर नहीं छापी जाती।
हालांकि यह पूरा मामला अभी शुरुआती चरण में है और इसे लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी।
250 डॉलर नोट का प्रस्ताव क्या है?
इस प्रस्ताव के तहत 250 डॉलर का एक विशेष स्मारक नोट जारी करने की बात सामने आई है, जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर शामिल हो सकती है। यह विचार 2026 में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर से जोड़ा जा रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह कदम एक स्मारक पहल के रूप में देखा जा सकता है, जो देश के ऐतिहासिक पड़ाव को दर्शाएगा। हालांकि, इसे अभी आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
1866 का पुराना नियम और उसका महत्व
अमेरिका में 1866 से एक सख्त नियम लागू है, जिसके तहत किसी भी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर नहीं छापी जा सकती। इस नियम का उद्देश्य सत्ता के दुरुपयोग को रोकना और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना है।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह 150 साल से अधिक पुराने नियम में पहला बड़ा बदलाव होगा, जो अमेरिकी करेंसी इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होगी।
ट्रेजरी विभाग और डिजाइन की शुरुआती तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी Bureau of Engraving and Printing (BEP) को नए नोट के डिजाइन पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रस्तावित डिजाइन में डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर को केंद्र में रखने की योजना बताई जा रही है। साथ ही इसमें अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े प्रतीक और राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभी केवल प्रारंभिक स्तर की प्रक्रिया है और अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
रिपब्लिकन सांसद का बिल और राजनीतिक प्रक्रिया
इस प्रस्ताव की शुरुआत साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन द्वारा पेश किए गए बिल से हुई थी। इस बिल को फरवरी 2025 में हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया था।
अब इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट—से मंजूरी प्राप्त करनी होगी। बिना इन अनुमोदनों के यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सकता।
250वीं वर्षगांठ से जोड़कर देखा जा रहा है प्रस्ताव
अमेरिका 2026 में अपनी स्थापना के 250 साल पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को देखते हुए ट्रम्प प्रशासन इस प्रस्ताव को एक स्मारक पहल के रूप में पेश कर रहा है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह कदम उस समय के राष्ट्रपति के योगदान और देश के ऐतिहासिक विकास को दर्शाने का एक तरीका हो सकता है। हालांकि यह विचार अभी विवादों में घिरा हुआ है।
डिजाइन को लेकर सामने आए दावे
ब्रिटिश कलाकार इयान एलेक्जेंडर ने दावा किया है कि उन्होंने इस नोट का शुरुआती डिजाइन तैयार किया था और उसे डोनाल्ड ट्रम्प को भी दिखाया गया था।
उनके अनुसार ट्रम्प ने डिजाइन में कुछ सुझाव दिए, जिनमें अमेरिकी झंडे के रंगों और 250वीं वर्षगांठ के प्रतीकों को शामिल करने की बात कही गई थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक बहस और संभावित विवाद
इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। समर्थकों का कहना है कि यह 250वीं वर्षगांठ के सम्मान का प्रतीक होगा और एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
वहीं आलोचकों का मानना है कि किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर छापना लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थापित नियमों के खिलाफ होगा। इसे राजनीतिक लाभ से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
नोट जारी करने की प्रक्रिया और समय सीमा
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नए अमेरिकी नोट को डिजाइन करने, मंजूरी देने और बाजार में लाने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 6 से 8 साल का समय लग सकता है।
इसमें सुरक्षा फीचर्स, डिजाइन अप्रूवल और कानूनी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जो इसे और जटिल बनाती हैं।
ट्रम्प के हस्ताक्षर का मामला भी चर्चा में
रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ट्रम्प के हस्ताक्षर को कुछ नोटों पर शामिल करने पर विचार कर रहा है। यदि यह लागू होता है, तो यह पहली बार होगा जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अमेरिकी करेंसी पर दिखाई देंगे।
अमेरिका में जीवित व्यक्ति की तस्वीर पर प्रतिबंध क्यों?
अमेरिकी कानून के अनुसार 1866 से यह नियम लागू है कि किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर नहीं छापी जा सकती। इसका उद्देश्य सत्ता के दुरुपयोग को रोकना और व्यक्तिपूजा (personality cult) से बचना है।
अमेरिकी करेंसी पर आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपति, ऐतिहासिक नेता और राष्ट्रीय प्रतीकों की तस्वीरें ही देखने को मिलती हैं।










