तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay अपने पहले दिल्ली दौरे के दौरान Rahul Gandhi और Sonia Gandhi से मुलाकात किए बिना ही वापस लौट गए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के हालिया दिल्ली दौरे ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अपने पहले आधिकारिक दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से उनकी कोई मुलाकात नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, खासकर यह कि आखिर कांग्रेस नेतृत्व से बैठक क्यों नहीं हो पाई।
कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात क्यों नहीं हुई?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की योजना बनाई गई थी। यहां तक कि राहुल गांधी द्वारा एक अनौपचारिक ब्रेकफास्ट मीटिंग का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन अंतिम समय पर यह कार्यक्रम रद्द हो गया। हालांकि, इस बदलाव को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य और केंद्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ क्षेत्रीय मुद्दों और राज्यों के बीच जल-संसाधन विवादों ने इस मुलाकात पर असर डाला हो सकता है। विशेष रूप से कावेरी नदी और मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मेकेदातु परियोजना को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और इस परियोजना की डीपीआर (Detailed Project Report) को मंजूरी न देने की अपील की है।
मेकेदातु प्रोजेक्ट बना राजनीतिक विवाद का केंद्र

मेकेदातु परियोजना कर्नाटक के रामनगर जिले में अर्कवती नदी पर प्रस्तावित एक बांध परियोजना है। यह मुद्दा लंबे समय से दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। तमिलनाडु सरकार का मानना है कि इस बांध के निर्माण से कावेरी बेसिन में पानी का प्रवाह कम हो सकता है, जिससे राज्य के किसानों को नुकसान होगा।
इसी पृष्ठभूमि में यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दिल्ली दौरे के दौरान राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ निर्धारित बैठकें नहीं हो सकीं।मुख्यमंत्री विजय का यह पहला आधिकारिक दिल्ली दौरा था, जिसे लेकर राजनीतिक और मीडिया दोनों में काफी उत्साह था। उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात न हो पाना इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बन गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम बदलाव भी हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में इसे अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
दूसरा दिल्ली दौरा तय, 11 जून को फिर राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे विजय
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु सीएम विजय अब 11 जून को एक बार फिर दिल्ली का दौरा करेंगे। इस दौरे में वे नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे।इसके अलावा, इस यात्रा के दौरान उनके कई राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की संभावना भी जताई जा रही है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की चर्चा शामिल है।
साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि इस बार वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का दौरा भी कर सकते हैं, जो राजनीतिक और शैक्षणिक दृष्टि से प्रतीकात्मक महत्व रखता है।









