फेंटानिल एक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसका मेडिकल उपयोग गंभीर दर्द कम करने के लिए होता है, लेकिन अमेरिका में इसका अवैध उपयोग युवाओं में नशे और ओवरडोज से मौतों का कारण बन रहा है। नियंत्रित खुराक में यह सुरक्षित है, लेकिन अनियंत्रित सेवन बेहद घातक साबित हो सकता है।
फेंटानिल का प्रभाव और खतरा: फेंटानिल एक सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसे अस्पतालों में बड़ी सर्जरी के बाद दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन या स्किन पैच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका में अवैध तस्करी के जरिए इसे हेरोइन या अन्य नशीले पदार्थों में मिलाकर युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे ओवरडोज और अचानक मृत्यु के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दवा केवल नियंत्रित मेडिकल उपयोग में सुरक्षित है, जबकि बिना डॉक्टर की सलाह और उच्च मात्रा में सेवन घातक साबित हो सकता है।
फेंटानिल क्या है और कैसे करता है असर?
फेंटानिल एक सिंथेटिक ओपिओइड दवा है, जिसे प्रयोगशाला में तैयार किया जाता है। अस्पतालों में इसे बड़ी सर्जरी के बाद तेज दर्द से राहत देने के लिए इंजेक्शन या स्किन पैच के रूप में दिया जाता है। इसकी खुराक केवल विशेषज्ञ डॉक्टर तय करते हैं।
यह दवा मस्तिष्क के दर्द रिसेप्टर्स पर असर डालकर दर्द की अनुभूति कम करती है। फेंटानिल मॉर्फीन की तुलना में 20 से 50 गुना अधिक शक्तिशाली मानी जाती है। महज दो मिलीग्राम की मात्रा भी इंसान के लिए घातक हो सकती है, इसलिए इसका उपयोग बेहद सावधानी से किया जाता है।

अमेरिका में क्यों बना जानलेवा नशा?
अमेरिका में अवैध रूप से तैयार और तस्करी किए गए फेंटानिल को अक्सर हेरोइन या अन्य नशीले पदार्थों में मिलाया जाता है। इससे नशे का असर तेज हो जाता है, लेकिन ओवरडोज का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
Centers for Disease Control and Prevention के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में अमेरिका में नशीली दवाओं की ओवरडोज से 74 हजार से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जिनमें फेंटानिल भी एक प्रमुख कारण रहा। ज्यादा मात्रा लेने पर सांस लेने में दिक्कत, कार्डियक अरेस्ट और अचानक मृत्यु जैसे गंभीर परिणाम सामने आते हैं।
किन लोगों को नहीं करना चाहिए उपयोग?
फेंटानिल का उपयोग गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों में नहीं किया जाता। इसके अलावा जिन लोगों को अस्थमा, एंजाइना या गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए भी यह दवा जोखिम भरी हो सकती है।
बिना डॉक्टर की सलाह के यह दवा उपलब्ध नहीं होती और न ही इसका सेवन सुरक्षित है। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध और अनियंत्रित उपयोग ही इसे घातक बनाता है।













