अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का माहौल देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. खातून ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा अन्य लोग समारोह में शामिल हुए। इस दौरान कुलपति ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखना ही हमारी सच्ची राष्ट्रीय पहचान है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर AMU परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों और प्रमुख स्थानों पर तिरंगे और राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी सजावट की गई। सुबह से ही परिसर में स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह नजर आया। छात्र-छात्राओं और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर राष्ट्रीय पर्व मनाया।
ध्वजारोहण के बाद कुलपति ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता का महत्व केवल इतिहास को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देश के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना भी जरूरी है।
कुलपति ने भारत की विविधता को देश की ताकत बताते हुए सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान के बावजूद देश की एकता बनी रहना भारतीय समाज की विशेषता है। इसी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को देश के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। शिक्षा के माध्यम से युवाओं में जिम्मेदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना भी विकसित होनी चाहिए।
AMU में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया। विश्वविद्यालय लंबे समय से शिक्षा, शोध और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर विश्वविद्यालय समुदाय को देश के विकास में अपनी भूमिका को लेकर भी प्रेरित किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों की मौजूदगी खास रही। छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय पर्व के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस का उत्साह साझा किया। परिसर में तिरंगे के साथ युवाओं में देशभक्ति का जोश दिखाई दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिया गया। शिक्षकों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की गई। विद्यार्थियों से भी विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को कहा गया।
कुलपति ने कहा कि देश की राष्ट्रीय पहचान केवल किसी एक परंपरा या संस्कृति से नहीं बनती, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के मिलकर एक साझा पहचान तैयार करने से बनती है। भारत की यही विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इसे सम्मान और संरक्षण के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है।
AMU जैसे ऐतिहासिक संस्थान में स्वतंत्रता दिवस समारोह का अपना विशेष महत्व है। विश्वविद्यालय का इतिहास देश के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक विकास से जुड़ा रहा है। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर परिसर में आयोजित कार्यक्रम इस ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान पीढ़ी के बीच एक कड़ी के रूप में भी नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने की बात कही गई। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद देश ने शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और आर्थिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे देश को आगे ले जाने में योगदान दें।
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने की भी अपील की गई। समाज में आपसी सम्मान, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना राष्ट्रीय एकता के लिए जरूरी बताया गया। सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान को भी महत्वपूर्ण माना गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से भर गया।
अलीगढ़ शहर में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह दिखाई दिया। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर में जगह-जगह तिरंगा सजावट और देशभक्ति कार्यक्रम हुए।
AMU परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं साझा कीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को देश की उपलब्धियों के साथ-साथ उसके सामने मौजूद चुनौतियों को समझने और जिम्मेदारी से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कुलपति के संबोधन में सांस्कृतिक विरासत को लेकर दिया गया संदेश समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि देश की विविध परंपराओं और विरासत को संजोकर रखना राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने का काम करता है। आने वाली पीढ़ियों तक इस विरासत को पहुंचाना समाज और शिक्षण संस्थानों की साझा जिम्मेदारी है।
स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए भी देश के इतिहास और वर्तमान जिम्मेदारियों को समझने का अवसर रहा। कार्यक्रम के जरिए उन्हें यह संदेश मिला कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ मनाया गया। कुलपति प्रो. खातून ने ध्वजारोहण कर सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने पर जोर दिया और इसे सच्ची राष्ट्रीय पहचान का आधार बताया। समारोह में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए तथा राष्ट्रगान के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।











