अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर, मामले में नामजद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।
बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हुए विवाद के बाद हालात बिगड़ गए थे। इसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर दिया।
अलीगढ़ पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो फुटेज खंगाल रही है। CCTV और मोबाइल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही कार्रवाई तेज की जाएगी।
हड़ताल के चलते OPD सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में उनकी सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि आए दिन तीमारदारों और बाहरी लोगों द्वारा अभद्रता और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए बिना ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो फुटेज के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की गई है। जल्द ही उनसे पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है। कुछ लोग डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग लंबे समय तक हड़ताल से मरीजों को हो रही परेशानी पर चिंता जता रहे हैं।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से डॉक्टरों से








