अनिल अंबानी ईडी पूछताछ! दूसरे दौर में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत बयान दर्ज

अनिल अंबानी ईडी पूछताछ! दूसरे दौर में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत बयान दर्ज

रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ईडी के सामने दूसरे दौर की पूछताछ के लिए दिल्ली पहुंचे। जांच बैंक ऋण धोखाधड़ी और धन शोधन से जुड़ी है। मुंबई का आलीशान बंगला ‘एबोड’ 3,716 करोड़ रुपये की कुर्की में रखा गया।

Anil Ambani News: रिलायंस समूह (Reliance Group) के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और धन शोधन (Money Laundering) के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अपनी जांच तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को अनिल अंबानी दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए पेश हुए। इससे पहले अगस्त 2025 में उनसे लंबी पूछताछ हो चुकी थी।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि इस बार उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत दर्ज किया गया। सूत्रों के अनुसार, अंबानी सुबह करीब साढ़े 10 बजे ईडी मुख्यालय पहुंचे और कई घंटे तक पूछताछ की गई।

40,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण घोटाले से जुड़ा मामला

यह जांच रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है। ईडी का दावा है कि कंपनी ने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण का दुरुपयोग किया। कथित तौर पर यह राशि विभिन्न विदेशी अनुषंगी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट की गई।

ईडी का कहना है कि समूह की कई कंपनियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की ओर से अब तक सभी आरोपों को खारिज किया गया है, लेकिन एजेंसी उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

आरकॉम के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी

इस मामले में जनवरी 2026 में ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी कथित वित्तीय गड़बड़ियों और धन के डायवर्जन से जुड़ी थी।

ईडी का दावा है कि इस घोटाले में कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऋण की राशि निर्धारित उद्देश्यों के लिए उपयोग हुई या अन्य गतिविधियों में स्थानांतरित की गई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी का गठन

ईडी ने जांच की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (Special Investigation Team) का गठन किया है। एसआईटी का गठन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के निर्देशों के बाद किया गया।

एसआईटी का मकसद बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सभी मामलों की समन्वित और व्यापक जांच करना है। एजेंसी ने बताया कि अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) के खिलाफ तीन अलग-अलग धनशोधन के मामले दर्ज किए गए हैं।

3,716 करोड़ रुपये के बंगले ‘एबोड’ की कुर्की

ईडी ने बुधवार को अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 3,716 करोड़ रुपये है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित अवैध संपत्ति को सुरक्षित रखना और जांच पूरी होने तक उसके हस्तांतरण को रोकना है।

धन शोधन निवारण अधिनियम क्या है

धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत ईडी को अधिकार है कि वह कथित अवैध धन से जुड़ी संपत्तियों को कुर्क कर सके और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर सके। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आता है।

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