अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रेलवे की खास मुहीम, रांची-टोरी पैसेंजर ट्रेन की महिलाओं ने संभाली कमान

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विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर खुशी का माहौल बना हुआ है. देशों में जगह-जगह पर इसको लेकर कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे है. इस मुहीम पर महिला दिवस के दिन रेलवे ने रांची-टोरी पैसेजर ट्रेन की कमान 15 सदस्यीय महिला चालक (लोकोपायलट) दलों के हाथ में सौंप दी हैं।

Jharkhand: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर शुक्रवार (8 March) को रांची-टोरी पैसेंजर ट्रेन का परिचालन 15 सदस्यीय महिला चालक (लोकोपायलट) समूह ने किया है. रेलवे अधिकारी ने Subkuz.com के पत्रकार को जानकारी देते हुए बताया कि टीम में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, आठ टिकट चेक करने वाले (TTE) और रेलवे सुरक्षा बल के पांच जवान शामिल है. दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के रांची डिवीजन द्वारा राष्ट्र निर्माण महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने के लिए यह पहल की हैं।

"यह हमारे लिए गर्व का पल है"- CPRO निशांत कुमार

रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक एवं सीपीआरओ (Chief Public Relation Officer) निशांत कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष पर शुक्रवार को रांची से टोरी जंक्शन के बीच चलने वाली ट्रेन का संचालन महिला लोकोपायलट ने किया है. उन्होंने बताया कि यह पल हमारे लिए गौरवपूर्ण है. बताया कि रांची से टोरी के बीच आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर बुकिंग काउंटर का काम भी महिलाएं संभाल रही है. महिला लोकोपायलट ने जिस पैसेंजर ट्रेन का संचालन किया, वह सुबह 8.50 बजे रांची स्टेशन से रवाना होकर लगभग 11:35 बजे टोरी पहुंचेगी, जिसमे ट्रेन के 15 स्टॉपेज भी शामिल हैं।

'जो महिलाओं को कमजोर समझते है, उनके लिए करारा जवाब'

जानकारी के अनुसार मुख्य महिला लोकोपायलट गीता कुमारी खल्को ने बताया कि देश भर में महिलाओं के लिए यह दिन बहुत गौरवशाली है. कहां कि महिलाएं हर क्षेत्र में प्रगति कर रही है. मुझे इस ट्रेन को संचालित करने में बहुत गर्व महसूस हुआ है. टिकट चेकर (Train Ticket Examiner - TTE) ज्योति कुमारी कुजूर ने कहां कि महिला दिवस के अवसर पर इन गतिविधियों का उद्देश्य उन लोगों को संदेश देना है, जो महिलाएं कमजोर मानते है और उनका शोषण करते है. महिलाएं हर क्षेत्र में सभी काम में निपूर्ण हैं।

 

 

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