अर्जेंटीना भारतीयों के लिए यात्रा और कारोबार के नियम आसान कर रहा है। वैध अमेरिकी वीजा वाले भारतीय 90 दिनों तक बिना अर्जेंटीना वीजा यात्रा कर सकते हैं। पांच साल का मुफ्त बिजनेस वीजा भी उपलब्ध है। दोनों देश एयर सर्विस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
नई दिल्ली: अर्जेंटीना भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा, कारोबार और काम से जुड़े नियमों को आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो काउसीनो ने बुधवार को आइकॉनिक टूरिज्म समिट में कहा कि ब्यूनस आयर्स भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को आसान बनाने की नीति पर काम कर रहा है।
राजदूत के अनुसार, अगस्त 2025 से वैध अमेरिकी वीजा रखने वाले भारतीय नागरिक अर्जेंटीना में पर्यटक के रूप में 90 दिनों तक बिना अर्जेंटीना के वीजा के रह सकते हैं। इसके अलावा भारतीय नागरिकों के लिए पांच साल का बिजनेस वीजा भी उपलब्ध है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अर्जेंटीना ने इन सुविधाओं को केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रखा है। दोनों देशों के बीच विमानन संपर्क, व्यापार, निवेश, तकनीक और पेशेवरों की आवाजाही बढ़ाने के प्रयास भी चल रहे हैं।
वैध अमेरिकी वीजा वाले भारतीयों को 90 दिन तक वीजा छूट
मारियानो काउसीनो ने कहा कि अगस्त 2025 से वैध अमेरिकी वीजा रखने वाले भारतीय नागरिक अर्जेंटीना की यात्रा पर्यटक के रूप में 90 दिनों तक बिना अर्जेंटीना के वीजा के कर सकते हैं।
यह सुविधा भारतीय यात्रियों के लिए अर्जेंटीना की यात्रा को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राजदूत ने कहा कि अर्जेंटीना भारत से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक सोची-समझी नीति पर काम कर रहा है।
इसके साथ ही भारतीय नागरिक पांच साल का बिजनेस वीजा भी प्राप्त कर सकते हैं। इस वीजा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय यात्रियों के साथ-साथ कारोबारियों और निवेशकों के लिए अर्जेंटीना में पहुंच को आसान बनाना है।
अर्जेंटीना भारत से चाहता है पारस्परिक सुविधा
राजदूत काउसीनो ने कहा कि अर्जेंटीना भारत से पारस्परिक कदम की उम्मीद करता है। उनका कहना है कि जिस तरह अर्जेंटीना भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा और कारोबारी सुविधाएं आसान कर रहा है, उसी तरह भारत भी अर्जेंटीना के नागरिकों के लिए अपनी यात्रा व्यवस्था को आसान बनाए।
उन्होंने पर्यटन को भारत-अर्जेंटीना रणनीतिक साझेदारी के व्यापक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझेदार हैं।
उनके मुताबिक, दोनों देशों के लोगों के बीच पर्यटन के माध्यम से अधिक संपर्क इस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर सकता है। अर्जेंटीना का संदेश कम बाधाएं और दोनों देशों के नागरिकों के बीच ज्यादा संपर्क का है।
भारत-अर्जेंटीना के बीच एयर सर्विस एग्रीमेंट पर बातचीत
दोनों देशों के बीच विमानन संपर्क बढ़ाने को लेकर भी बातचीत चल रही है। काउसीनो के अनुसार, दोनों देशों के नागरिक उड्डयन अधिकारी एयर सर्विसेज एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे हैं।
इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों की एयरलाइनों को एक-दूसरे के बीच उड़ान संचालन के लिए अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। इसके साथ ही कोड-शेयर समझौतों जैसे विकल्पों का इस्तेमाल भी संभव होगा।
कोड-शेयर व्यवस्था के तहत एक एयरलाइन की उड़ान में दूसरी एयरलाइन भी अपने कोड के साथ टिकट बेच सकती है। इससे यात्रियों को अधिक कनेक्टिविटी के विकल्प मिल सकते हैं।
काउसीनो ने कहा कि ज्यादा एयरलाइन स्वतंत्रता से अधिक रूट, ज्यादा प्रतिस्पर्धा और बेहतर किराए की संभावनाएं बन सकती हैं। उन्होंने माना कि भारत और अर्जेंटीना के बीच भौगोलिक दूरी एक वास्तविक चुनौती है, लेकिन विमानन क्षेत्र में प्रगति की गुंजाइश बनी हुई है।
55 से ज्यादा देशों के साथ समझौते
अर्जेंटीना के राजदूत ने कहा कि भारत के साथ विमानन वार्ता अर्जेंटीना की व्यापक नीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, अर्जेंटीना सरकार ने सत्ता संभालने के बाद 55 से अधिक देशों के साथ अपने एयर ट्रांसपोर्ट मार्केट को खोलने के लिए समझौते किए हैं।
इस नीति के तहत सरकार अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और ज्यादा एयरलाइन विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
भारत के संदर्भ में इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि दोनों देशों के बीच सीधी कनेक्टिविटी सीमित है और यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
भारतीय टेक टैलेंट पर अर्जेंटीना की नजर
अर्जेंटीना भारत के युवा तकनीकी कार्यबल को भी दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र मानता है।
काउसीनो ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में युवा टेक प्रोफेशनल हैं, जो वैश्विक स्तर पर काम करने और अनुभव हासिल करने के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने अर्जेंटीना के टेक इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां लैटिन अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियां विकसित हुई हैं।
राजदूत के मुताबिक, भारतीय टेक टैलेंट और अर्जेंटीना के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं।
यह सहयोग निवेश, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले तकनीकी पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
डिजिटल नोमैड वीजा से भारतीयों को फायदा
अर्जेंटीना पहले से ही डिजिटल नोमैड वीजा की सुविधा देता है। इस व्यवस्था के तहत विदेशी कंपनियों के लिए रिमोट काम करने वाले लोग अर्जेंटीना में छह महीने तक रह सकते हैं। इस अवधि को छह महीने के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
इसका मतलब है कि पात्र रिमोट वर्कर्स अर्जेंटीना में कुल एक साल तक रहने की संभावना का इस्तेमाल कर सकते हैं, यदि विस्तार की शर्तें पूरी होती हैं।
काउसीनो ने संकेत दिया कि भारतीय नागरिकों के लिए इस तरह की सुविधा का विस्तार दोनों देशों के बीच पारस्परिक कदमों पर निर्भर करेगा। यानी अर्जेंटीना द्वारा भारतीयों को दी जा रही वीजा सुविधाओं के जवाब में भारत की ओर से भी समान स्तर की सुविधा महत्वपूर्ण होगी।
पर्यटन से आगे बढ़ रही रणनीतिक साझेदारी
अर्जेंटीना की ओर से भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश केवल पर्यटन उद्योग तक सीमित नहीं है। राजदूत ने इसे दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों से जोड़ा।
भारत और अर्जेंटीना के बीच ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ आर्थिक संबंध भी बढ़ रहे हैं। पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ने से इन संबंधों को और विस्तार देने की संभावना है।
अर्जेंटीना का फोकस भारतीय पर्यटकों के अलावा कारोबारियों, निवेशकों और तकनीकी पेशेवरों को आकर्षित करने पर भी है।
भारत बना अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार
काउसीनो के अनुसार, भारत अब अर्जेंटीना का छठा सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार है। भारत से आगे ब्राजील, चीन, यूरोपीय संघ, अमेरिका और चिली हैं।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 6.5 अरब डॉलर से अधिक रहा। यह आंकड़ा दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों को दर्शाता है।
राजदूत ने भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी वजह से अर्जेंटीना तथा दुनिया के लिए उसका महत्व लगातार बढ़ रहा है।
निवेश और कारोबार के लिए भी खोलना चाहता है अर्जेंटीना
अर्जेंटीना भारतीय नागरिकों को केवल पर्यटक के रूप में नहीं देख रहा है। काउसीनो ने कहा कि उनका देश भारतीयों को यात्रा करने, कारोबार करने और निवेश करने के लिए आमंत्रित करना चाहता है।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर कई देशों द्वारा सीमा और आव्रजन नीतियों को कड़ा किए जाने के बीच अर्जेंटीना की नीति को पर्यटन और निवेश के लिए खुलेपन से जोड़ा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक देश अपनी सीमा और आव्रजन नीति तय करने के लिए संप्रभु है और अर्जेंटीना दूसरे देशों के फैसलों का सम्मान करता है।
अर्जेंटीना की ओर से भारतीयों के लिए वीजा, व्यापार, डिजिटल नोमैड और विमानन सुविधाओं को आसान बनाने की कोशिश इसी व्यापक आर्थिक और रणनीतिक नीति का हिस्सा है।
आगे भारत-अर्जेंटीना संबंधों में क्या होगा?
भारत और अर्जेंटीना के बीच संबंधों में पर्यटन, विमानन, तकनीक, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों की भूमिका बढ़ रही है। भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा सुविधा और पांच साल के बिजनेस वीजा का विकल्प लोगों और कारोबारियों की आवाजाही को आसान बना सकता है।
दूसरी ओर, एयर सर्विसेज एग्रीमेंट पर बातचीत सफल होने पर दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क के विस्तार की संभावना बन सकती है।
अर्जेंटीना की ओर से भारत से पारस्परिक वीजा सुविधा की अपेक्षा यह संकेत देती है कि दोनों देश लोगों की आवाजाही को द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक ढांचे में देख रहे हैं। फिलहाल विमानन समझौते और वीजा सुविधाओं से जुड़े अगले कदम दोनों देशों के बीच संपर्क और आर्थिक सहयोग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।












