कौन हैं Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास? PM मोदी के AI वीडियो मामले में FIR के बाद चर्चा में आए

PM मोदी के AI वीडियो विवाद और FIR के बाद Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास चर्चा में हैं। जानिए अरुण श्रीनिवास की शिक्षा, करियर, IIM से लेकर Meta India के

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित फर्जी और एआई-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित फर्जी AI-जनरेटेड वीडियो वायरल होने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई के बाद मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास चर्चा में आ गए हैं। पुलिस ने इस मामले में मेटा इंडिया के प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, इस मामले में जांच जारी है और एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जाता।

इस घटनाक्रम के बाद लोगों की दिलचस्पी यह जानने में बढ़ गई है कि आखिर अरुण श्रीनिवास कौन हैं, उनका करियर कैसा रहा और वह मेटा इंडिया जैसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तक कैसे पहुंचे।

कौन हैं अरुण श्रीनिवास?

अरुण श्रीनिवास भारत के अनुभवी कॉरपोरेट लीडर्स में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेक सेक्टर से नहीं, बल्कि एफएमसीजी (Fast Moving Consumer Goods) इंडस्ट्री से की थी। करीब तीन दशक से ज्यादा के अनुभव वाले श्रीनिवास ने मार्केटिंग, बिजनेस ऑपरेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ग्लोबल ब्रांड मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

उन्होंने वर्ष 1996 में स्पोर्ट्स ब्रांड रीबॉक के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। यहां उन्होंने लगभग पांच वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। रीबॉक में उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां थीं:

  • प्रोडक्ट मैनेजर
  • दक्षिण भारत के लिए रीजनल सेल्स मैनेजर
  • मार्केटिंग मैनेजर

इस शुरुआती अनुभव ने उन्हें उपभोक्ताओं की जरूरतों, बाजार की रणनीति और ब्रांड निर्माण को समझने में मदद की।

हिंदुस्तान यूनिलीवर में लंबा अनुभव

वर्ष 2001 में अरुण श्रीनिवास ने हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का रुख किया। यहां उन्होंने 15 साल से ज्यादा समय तक काम किया और कंपनी के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। यूनिलीवर में उन्होंने स्किन केयर, मेकअप, बेवरेज और अन्य उपभोक्ता उत्पाद श्रेणियों में नेतृत्व किया। उनके कार्यक्षेत्र में कई बड़े ब्रांड शामिल रहे, जिनमें फेयर एंड लवली, पॉन्ड्स, वैसलीन, लैक्मे और नॉर जैसे नाम शामिल हैं।

बाद में उन्हें फूड्स साउथ एशिया का कैटेगरी वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। इस पद पर रहते हुए वह भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे बाजारों में कारोबार की रणनीति के लिए जिम्मेदार थे।

FMCG से टेक और निवेश क्षेत्र तक का सफर

2017 में यूनिलीवर छोड़ने के बाद अरुण श्रीनिवास ने प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र में कदम रखा। वह वेस्टब्रिज कैपिटल पार्टनर्स से जुड़े और ऑपरेटिंग एडवाइजर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने कंज्यूमर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की ग्रोथ रणनीति में योगदान दिया। उन्होंने विनी कॉस्मेटिक्स और एनरिच सैलून जैसी कंपनियों के विकास में अहम भूमिका निभाई।

वर्ष 2019 में अरुण श्रीनिवास ने मोबिलिटी कंपनी ओला जॉइन की। यहां उन्होंने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) और ग्लोबल चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। ओला में उन्होंने भारत के कारोबार की लाभ-हानि जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा कैब, बाइक और ऑटो जैसी मोबिलिटी सेवाओं के संचालन, मार्केटिंग और राजस्व रणनीति पर काम किया।

ओला के लंदन लॉन्च में भी उनकी अहम भूमिका रही। कंपनी ने वहां तेजी से अपनी पहचान बनाई और कुछ ही समय में राइड-हेलिंग बाजार में मजबूत स्थिति हासिल की।

Meta India में बढ़ा प्रभाव

अरुण श्रीनिवास सितंबर 2020 में फेसबुक की मूल कंपनी मेटा (Meta) से जुड़े। शुरुआत में उन्होंने भारत के लिए ग्लोबल बिजनेस ग्रुप का नेतृत्व किया। इस भूमिका में उनका काम बड़े विज्ञापनदाताओं और एजेंसियों के साथ कंपनी के कारोबार को बढ़ाना था। उन्होंने मेटा के विज्ञापन व्यवसाय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सितंबर 2022 में उन्हें भारत में विज्ञापन व्यवसाय का निदेशक और प्रमुख बनाया गया। इस पद पर उन्होंने बिक्री, बिजनेस सॉल्यूशन, मापन और क्रिएटिव रणनीति जैसे क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली। बाद में उन्हें मेटा इंडिया का प्रमुख बनाया गया, जहां वह भारत जैसे बड़े डिजिटल बाजार में कंपनी की रणनीति और संचालन का नेतृत्व कर रहे हैं।

IIM कलकत्ता से हासिल की शिक्षा

अरुण श्रीनिवास ने भारत के प्रतिष्ठित बिजनेस संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता (IIM Calcutta) से मार्केटिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) किया है। उन्होंने 1994 से 1996 के बीच यह डिग्री हासिल की। उनकी शिक्षा और कॉरपोरेट अनुभव ने उन्हें मार्केटिंग, बिजनेस रणनीति और नेतृत्व के क्षेत्र में मजबूत आधार दिया।

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