मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत, ग्रामीण सड़कों के विकास और अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग की।
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में हाल ही में बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत, ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहयोग का अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीण संपर्क मार्गों को मजबूत बनाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग देने का भी आग्रह किया।
बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित किसानों के लिए मांगी सहायता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि हाल की भारी बारिश और बाढ़ के कारण राज्य के कई कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आजीविका पर असर पड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज, पुनर्वास योजनाओं और कृषि सहायता कार्यक्रमों को मजबूत किया जाए, ताकि किसान जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्राकृतिक आपदाओं का असर अधिक होता है। ऐसे में समय पर केंद्रीय सहायता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने पर जोर
बैठक में ग्रामीण सड़क संपर्क भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा पर्वतीय और दूरदराज क्षेत्रों में स्थित है, जहां सड़क संपर्क विकास की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय और तकनीकी सहयोग का अनुरोध किया। उनका कहना था कि मजबूत सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन और आपातकालीन सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। ग्रामीण सड़कें न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को भी अधिक प्रभावी बनाती हैं।
ग्रामीण विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच हुई बातचीत में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास परियोजनाओं को तेज गति देना था। दोनों नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित समुदायों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने राज्य की आवश्यकताओं को सकारात्मक रूप से सुना और ग्रामीण विकास तथा किसानों के कल्याण के प्रति अपना सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ी चुनौतियां
अरुणाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अक्सर भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं सामने आती हैं। इन घटनाओं से कृषि, सड़क संपर्क और ग्रामीण जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे राज्यों में आपदा प्रबंधन के साथ-साथ मजबूत बुनियादी ढांचे का विकास भी समान रूप से जरूरी है। बेहतर सड़कें और प्रभावी राहत व्यवस्था भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकती हैं।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित न हों। यदि केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता और योजनाओं को मंजूरी मिलती है, तो इससे कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित करने, ग्रामीण रोजगार बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही राज्य के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच भी आसान हो सकेगी।
केंद्र-राज्य समन्वय पर विशेष जोर
बैठक ने यह भी संकेत दिया कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। सरकार का लक्ष्य केवल आपदा राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक विकास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है।












