एशियन पेंट्स ने पेंट की कीमतों में 12% तक किया इजाफा, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

Asian Paints Price Hike: एशियन पेंट्स ने विभिन्न श्रेणियों के पेंट की कीमतों में 12% तक बढ़ोतरी की है। इस फैसले का असर घर बनाने, रेनोवेशन और पेंटिंग कराने वाले

अगर आप अभी या दिवाली से पहले घर की पेंटिंग कराने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स ने अपने चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में 12% तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है।

Asian Paints Price Hike: यदि आप आने वाले महीनों में अपने घर की पेंटिंग कराने या नया घर तैयार करने की योजना बना रहे हैं, तो आपका बजट पहले से अधिक हो सकता है। भारत की अग्रणी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स (Asian Paints) ने अपने चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। 

कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे माल की लागत में वृद्धि और वैश्विक शिपिंग खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है। नई कीमतें 14 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं और इनका असर विभिन्न पेंट श्रेणियों पर अलग-अलग स्तर पर देखने को मिलेगा।

क्यों बढ़ाए गए पेंट के दाम?

एशियन पेंट्स के अनुसार, हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाला है। पेंट निर्माण में उपयोग होने वाले कई महत्वपूर्ण रसायन और कच्चे पदार्थ विदेशों से आयात किए जाते हैं। सप्लाई बाधित होने और समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट) की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनी का कहना है कि बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना आवश्यक हो गया था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन किया गया।

कंपनी ने बताया है कि सभी उत्पादों पर एक समान वृद्धि नहीं की गई है। कुछ उत्पादों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। प्रीमियम और चुनिंदा श्रेणियों में अधिकतम 12% तक मूल्य वृद्धि लागू की गई है। नई दरें 14 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हैं। इसका मतलब है कि ग्राहक जिस प्रकार का पेंट चुनेंगे, उसी के अनुसार उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इस मूल्य वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो नया घर बनवा रहे हैं। घर की मरम्मत या रेनोवेशन करा रहे हैं। त्योहारों, विशेषकर दिवाली से पहले पेंटिंग की योजना बना रहे हैं। बड़े व्यावसायिक या आवासीय प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, आर्किटेक्ट्स और पेंटिंग कॉन्ट्रैक्टर्स की परियोजनाओं की कुल लागत भी बढ़ सकती है। इससे अंतिम उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक खर्च उठाना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, समुद्री परिवहन में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव निर्माण क्षेत्र से जुड़े कई उद्योगों को प्रभावित कर रहे हैं। पेंट उद्योग भी इन परिस्थितियों से अछूता नहीं है, क्योंकि इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कई रसायनों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी होती हैं। यदि कच्चे माल की उपलब्धता सीमित होती है या आयात महंगा होता है, तो उत्पादन लागत बढ़ना स्वाभाविक है।

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