प्रधानमंत्री मोदी ने असम दौरे पर काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। 6,950 करोड़ रुपये की इस परियोजना से पर्यटन, व्यापार, रोजगार और वन्यजीव सुरक्षा में सुधार होगा।
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे हैं। रविवार को उनके दौरे का दूसरा दिन था, जिसमें उन्होंने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस परियोजना की कुल लागत 6,957 करोड़ रुपये है और इसे पूरा होने के बाद काजीरंगा क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। परियोजना से न केवल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा युवा वर्ग के लिए रोजगार के नए मौके पैदा होंगे और क्षेत्र आर्थिक रूप से प्रगति करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका पूर्वोत्तर क्षेत्र का दूसरा दौरा है और असम आकर हमेशा खुशी मिलती है। उन्होंने बताया कि पिछले दौरे में काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम करने और एलिफेंट सफारी का अनुभव उनके लिए बेहद खास था।
पीएम मोदी का असम दौरे पर अनुभव
पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे हमेशा असम आकर अलग ही खुशी मिलती है। कल मुझे गुवाहाटी में बागुरुम्बा कार्यक्रम देखने का अवसर मिला। बोडो समुदाय की प्रतिभाशाली बेटियों ने बागुरुम्बा नृत्य से एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस अनूठे और ऊर्जावान प्रदर्शन में 10,000 से अधिक कलाकार शामिल थे और सभी उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध हो गए।"

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर असम की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा का प्रतीक है बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस पर तंज, चुनाव परिणामों का जिक्र
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मुंबई जैसी बड़ी महानगर में जनता ने पहली बार बीजेपी को जनादेश दिया। जीत मुंबई में हो रही है और जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है। इससे पहले दक्षिण भारत के केरल में भी बीजेपी को भारी समर्थन मिला। देश का वोटर आज गुड गवर्नेंस चाहता है। वह विकास और विरासत दोनों को महत्व देता है। इन चुनावों का एक संदेश यह भी है कि कांग्रेस की निगेटिव पॉलिटिक्स लगातार असफल हो रही है।"
पीएम ने कहा कि जिस मुंबई शहर में कांग्रेस का जन्म हुआ था, वहां आज वह चौथे और पांचवें नंबर की पार्टी बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक शासन करने के बावजूद कांग्रेस अब पूरी तरह सिमट गई है।
दो नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस और डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। ये नई रेल सेवाएं पूर्वोत्तर और उत्तरी भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएंगी। इससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा संभव होगी।
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "आज असम के कालियाबोर में काजीरंगा के ऊपर बने 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों के भूमि पूजन में शामिल होने के लिए मैं बेहद उत्सुक हूं। इससे जानवरों की सुरक्षा में काफी मदद मिलेगी, खासकर मानसून के मौसम में। अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना असमवासियों के लिए कनेक्टिविटी सुधार का महत्वपूर्ण कदम है।"
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: परियोजना का विवरण

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत 6,950 करोड़ रुपये से अधिक है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड का 4-लेन निर्माण है। परियोजना की लंबाई 86 किलोमीटर है और इसमें 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा शामिल है। यह गलियारा काजीरंगा नेशनल पार्क से होकर गुजरेगा और वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
इसके अलावा परियोजना में 21 किलोमीटर का बाईपास खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के मौजूदा खंड का 30 किलोमीटर तक विस्तार किया जाएगा। इसे दो लेन से चौथे लेन में परिवर्तित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य पार्क की जैव विविधता की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाना है।
बेहतर कनेक्टिविटी और विकास
यह परियोजना नागांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगी और डिब्रूगढ़ व तिनसुकिया जैसे ऊपरी असम के शहरों के लिए संपर्क बेहतर बनाएगी। उच्च वन्यजीव गलियारा जानवरों को सुरक्षित मार्ग देगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी लाएगा।
सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी और दुर्घटना दर में कमी भी इस परियोजना से संभव होगी। यात्री और माल यातायात सुगम होगा। साथ ही, जाखलबंधा और बोकाखाट में बाईपास विकसित किए जाएंगे, जिससे शहरों में भीड़ कम होगी और स्थानीय लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने से क्षेत्र में पर्यटन का विकास होगा। काजीरंगा नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। इसके साथ ही व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के नए रास्ते खुलेंगे। परियोजना युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा करेगी।













