असम में अवैध घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF और पुलिस ने 21 लोगों को रोका

पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त अभियान में सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए 21 अवैध घुसपैठियों को पकड़ा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि सीमा सुरक्षा

पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त अभियान में सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए 21 अवैध घुसपैठियों को पकड़ा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि सीमा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और निगरानी मजबूत की जा रही

गुवाहाटी: असम में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस संयुक्त अभियान में असम पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मिलकर 21 अवैध प्रवासियों को रोक लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ और सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है।

हालांकि इस ऑपरेशन के विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमा सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

21 अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया गया

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग इलाकों में निगरानी और गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को देखा, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच के बाद इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क और घुसपैठ के उद्देश्य का पता लगाया जा सके।

असम सरकार का सीमा सुरक्षा पर सख्त रुख

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने इस घटना के बाद कहा कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि अवैध घुसपैठ रोकने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी तकनीक और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सीमाओं की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

‘मल्टी-लेयर्ड’ सुरक्षा रणनीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की रणनीति केवल एक स्तर पर आधारित नहीं है, बल्कि यह कई परतों वाली (multi-pronged approach) प्रणाली है। इसमें सीमा चौकियों को मजबूत करना, नदी और जमीनी मार्गों पर निगरानी बढ़ाना और स्थानीय समुदायों के सहयोग से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को भी लगातार अपग्रेड किया जा रहा है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बनी चुनौती

असम की भौगोलिक स्थिति के कारण यह राज्य अवैध घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। राज्य की लगभग 267.5 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है, जो श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मांकाचर जैसे जिलों से होकर गुजरती है।

इन इलाकों में नदी, दलदली जमीन और जटिल भौगोलिक संरचना होने के कारण निगरानी चुनौतीपूर्ण रहती है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार इन क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखती हैं।

BSF और असम पुलिस का संयुक्त अभियान

इस ऑपरेशन में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और असम पुलिस ने मिलकर समन्वित कार्रवाई की। दोनों एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की गई। संयुक्त अभियान का उद्देश्य सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकना और स्थानीय सुरक्षा को मजबूत करना है।

पूछताछ और जांच जारी

हिरासत में लिए गए सभी 21 लोगों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये लोग किन नेटवर्क के जरिए सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर बड़े मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी

इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी प्रशासन को दें।

घुसपैठ रोकने में तकनीक की भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में असम में सीमा सुरक्षा के लिए तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए सीमाओं पर नजर रखी जा रही है। इससे सुरक्षा बलों को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलती है और घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है।

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